एक महिला ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि इस सरकार के साथ सबसे डरावनी बात यह है कि ताकतवर और प्रभावशाली लोग कानूनी दांव-पेच का इस्तेमाल करके बहुत गंभीर अपराधों से बच रहे हैं। उन्होंने मांग उठाई कि संसद को महिलाओं से जुड़े कानूनों पर बहस करनी चाहिए और इसे बदलना चाहिए।
उन्होंने कहा, “अक्सर नेताओं को महिलाओं के खिलाफ जुर्म करते देखा है, लेकिन वे आजाद घूम रहे हैं, जबकि पीड़िता इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही हैं। कुलदीप सेंगर को सजा के बाद उन्नाव की रेप पीड़िता को इंसाफ मिला था, लेकिन जब दोषी को उम्रकैद की सजा से छूट मिली तो यह पीड़िता के साथ अन्याय था।”
कांग्रेस पार्टी की नेता कुमारी सोनी ने कहा, “मैं एक महिला और इस देश की बेटी हूं। मैं पीड़िता के दर्द को अच्छी तरह समझती हूं। पीड़िता के साथ जो न्याय होना चाहिए, वह नहीं हो रहा है, लेकिन उसके साथ अन्याय हो रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “देश के नेता कहते हैं ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ,’ लेकिन इससे ज्यादा घोर अपराध क्या होगा कि एक रेप पीड़िता आज दर्द से गुजर रही है? रेप के दोषी को सजा मिलनी चाहिए थी, लेकिन इस सरकार में पीड़िता को ही सजा मिल रही है।”
वहीं, पीड़िता की मां अभी भी हाईकोर्ट पर भरोसा कर रही हैं। उन्होंने कहा, “हम सेंगर की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का भी रुख करेंगे। मुझे भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट से मुझे न्याय मिलेगा और दोषी की जमानत खारिज होगी।”
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