रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में आयोजित एक समारोह के दौरान उन्नत बख्तरबंद प्लेटफॉर्म ‘विक्रम VT-21’ को औपचारिक रूप से फ्लैग ऑफ किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर कामत ने की। ‘विक्रम VT-21’ श्रृंखला आधुनिक पीढ़ी के बख्तरबंद वाहनों का समूह है, जिसमें ट्रैक्ड और व्हील्ड दोनों प्रकार के प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इनका विकास भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है, ताकि विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में बेहतर गतिशीलता, सुरक्षा और मारक क्षमता सुनिश्चित की जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स की तैनाती से भारत की मैकेनाइज्ड वॉरफेयर क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार होगा। यह नई प्रणाली उन्नत इंजीनियरिंग और युद्धक्षेत्र के अनुरूप अनुकूलन क्षमता का समन्वय प्रस्तुत करती है, जिससे सेना को तेजी से बदलती रणनीतिक परिस्थितियों में बढ़त मिल सकती है।
समारोह के दौरान आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक के महत्व पर भी जोर दिया गया, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की व्यापक नीति के अनुरूप है। ‘विक्रम VT-21’ का विकास इस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और आयात पर निर्भरता कम करने में सहायक होगा।
इस फ्लैग ऑफ के साथ इन बख्तरबंद प्लेटफॉर्म्स के सेवा में शामिल होने की प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। कार्यक्रम में डीआरडीओ नेतृत्व की उपस्थिति ने इस परियोजना के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘विक्रम VT-21’ भविष्य में भारतीय सेना के बख्तरबंद कोर के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और देश की रक्षा तैयारियों को नई मजबूती प्रदान करेगा।
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