उन्होंने कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर प्रकरण में दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण था। लेकिन, अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करके पीड़िता को भी पूरे अधिकार दिए हैं। वो भी उचित प्राधिकरण के पास जाकर अपना पक्ष रख सकती है।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से घुसपैठियों के संदर्भ में दिए बयान पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय से भाजपा की सरकार केंद्र में है।
उन्होंने कहा कि जिन तथाकथित घुसपैठियों का जिक्र किया जा रहा है, सही मायने में वो घुसपैठिए नहीं हैं। वो बार-बार इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ अर्जित करने के मकसद से हवा दे रहे हैं।
वहीं, त्रिपुरा के छात्र की हत्या को लेकर करात ने कहा कि छात्र के बारे में अशोभनीय टिप्पणी की गई। इस मामले में एसएसपी की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। किसी से नफरत करना कि वो हमारे जैसा नहीं दिखता, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
केरल शिक्षा मंत्री का कांग्रेस पर हमला, शिक्षा में भगवाकरण का आरोप!



