उपग्रह चित्रों के विश्लेषण के आधार पर पता चला है कि चीन ने अपनी परमाणु सुविधाओं का उल्लेखनीय विस्तार किया है। 2022 से 2026 के बीच ली गई उपग्रह छवियों के भू-स्थानिक विश्लेषण से नैऋत्य चीन के सिचुआन प्रांत में इन सुविधाओं के विस्तार का खुलासा हुआ है।
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने रविवार(15 फरवरी) को रिपोर्ट प्रकाशित । भू-स्थानिक खुफिया विशेषज्ञ रेनी बाबियार्ज़ द्वारा साझा किए गए निष्कर्षों के अनुसार, 2019 से चीन की परमाणु निर्माण गतिविधियों में तेज़ी आई है, जो देश की रणनीतिक क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उपग्रह चित्र दिखाते हैं कि हाल के वर्षों में इन संरचनाओं का नवीनीकरण हुआ है, जिसमें नए वेंट और अन्य विशेषताएं शामिल हैं। सिचुआन के झिटोंग क्षेत्र में, चित्रों में घाटी के पास नए बने बंकर और सुरक्षा संरचनाएं दिखाई देती हैं। इस नए परिसर में विस्तृत पाइपिंग और आधारभूत सुविधाएं हैं, जो विशेषज्ञों के अनुसार खतरनाक पदार्थों को संभालने वाली सुविधाओं के अनुरूप हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि बंकर का उपयोग उच्च-विस्फोटक परीक्षणों के लिए किया जा रहा है।
उपग्रह चित्र सिचुआन में स्थित पिंगटोंग नामक डबल-कंपाउंड सुविधा में लगातार गतिविधियों को दिखाते हैं। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार, इस साइट की मुख्य संरचना 360 फीट ऊंचे वेंटिलेशन स्टैक से पहचानी जाती है, जहाँ विशेषज्ञों का मानना है कि चीन प्लूटोनियम से भरे परमाणु हथियार कोर बना रहा है। चित्र दिखाते हैं कि हाल के वर्षों में इस संरचना का नवीनीकरण हुआ है, जिसमें नए वेंट और हीट-सिंक जैसी सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। मुख्य इमारत के पास अतिरिक्त निर्माण भी देखा गया है। बाबियार्ज़ ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि पिंगटोंग परिसर की डिजाइन अन्य देशों में पाए जाने वाले परमाणु वारहेड पिट्स जैसी है ये वही सुविधाएँ हैं जहाँ प्लूटोनियम कोर तैयार किए जाते हैं जो परमाणु विस्फोट को सक्रिय करते हैं।
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