भारत के चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (CIDS)अशुतोष दीक्षित ने पाकिस्तान में हो रहे बड़े सैन्य और परमाणु ढांचे के बदलावों को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि भारत अब नए पाकिस्तान का सामना कर रहा है, जिसकी सैन्य रणनीति और संरचना में बड़ा परिवर्तन हुआ है। दीक्षित के अनुसार, हालिया ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की सैन्य कमजोरियों को उजागर कर दिया। इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान अपनी मिसाइल क्षमताओं का प्रभावी उपयोग करने में विफल रहा, जिसके बाद उसने अपनी रक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव शुरू किए है।
चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने ‘भारतीय पड़ोस में बदलते हालात’ पर सेमिनार में एक खास सेशन में बात की, जिसमें उन्होंने भारत के लगातार जुड़ाव, रणनीतिक भरोसे और आर्थिक नेतृत्व पर ज़ोर दिया। इस मौके पर ‘द सीक्रेट वॉर’ किताब भी लॉन्च हुई।
CIDS ने कहा कि इस ऑपरेशन ने यह भी साबित किया कि भारत बिना परमाणु सीमा को पार किए सटीक पारंपरिक हमले करने में सक्षम है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन पर बड़ा प्रभाव पड़ा है।
दीक्षित ने बताया कि पाकिस्तान ने अब एक नया ‘आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड’ स्थापित किया है, जो पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य मिसाइल संचालन को केंद्रीकृत करना और पारंपरिक व परमाणु दोनों तरह के हथियारों की त्वरित तैनाती को सक्षम बनाना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम हालिया संघर्ष में सामने आई कमियों को दूर करने और पाकिस्तान की आक्रामक क्षमता को बढ़ाने की कोशिश है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के 27वें संवैधानिक संशोधन ने सेना प्रमुख के हाथों में असाधारण शक्तियां केंद्रित कर दी हैं। अब सेना, नौसेना, वायुसेना और परमाणु हथियारों का नियंत्रण एक ही कमान के तहत आ गया है। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी, लेकिन इससे तनाव बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
दीक्षित ने पूर्वी मोर्चे पर चीन को भी बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि चीन अब भारत को अपने प्रमुख रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में देख रहा है। चीन द्वारा अपने तीसरे और सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत फुजिआन एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती उसकी बढ़ती समुद्री महत्वाकांक्षाओं को दर्शाती है।
इसके अलावा, रूस के साथ चीन के मजबूत होते सैन्य संबंध और ग्लोबल साउथ देशों में उसका बढ़ता प्रभाव भारत के लिए नई रणनीतिक चुनौतियां पैदा कर रहा है।
एयर मार्शल दीक्षित ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर एक “रणनीतिक मोड़” साबित हुआ है, जिसने भारत की सैन्य क्षमता और नीति की परिपक्वता को दिखाया है। उन्होंने जोर दिया कि बदलती परिस्थितियों में भारत को अपनी सैन्य आधुनिकीकरण प्रक्रिया तेज करनी होगी। इसमें मिसाइल रक्षा प्रणाली को मजबूत करना, खुफिया तंत्र को बेहतर बनाना और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के चीन-प्रेरित सैन्य बदलाव और बीजिंग की आक्रामक रणनीति के बीच भारत को अब दोहरे खतरे का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर सतर्कता और तैयारी बेहद जरूरी हो गई है।
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