टेक दिग्गज ओरेकल द्वारा बड़े पैमाने पर की गई छंटनी ने वैश्विक स्तर पर कर्मचारियों को झटका दिया है। कंपनी ने दुनिया भर में 30,000 तक कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है, जिनमें भारत सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल है। भारत में ही करीब 12,000 कर्मचारियों के प्रभावित हो चुके है। हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस फैसले को एक बड़े रणनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर पर फोकस बढ़ाया जा रहा है।
ओरेकल ने हाल ही में AI डेटा सेंटर बनाने के लिए लगभग 156 अरब डॉलर का बड़ा समझौता किया है, जो मुख्य रूप से OpenAI के लिए बताया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को करीब 30 लाख विशेष चिप्स खरीदने होंगे।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च तेजी से बढ़ा है। दो साल पहले जहां यह लगभग 6.9 अरब डॉलर था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 50 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इस भारी निवेश को संतुलित करने के लिए कंपनी ने अन्य क्षेत्रों, खासकर वर्कफोर्स में कटौती की है।
ओरेकल पर करीब 108 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज बताया जा रहा है, जिससे कंपनी पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। विश्लेषकों के अनुसार, छंटनी के जरिए कंपनी 8 से 10 अरब डॉलर तक की नकदी बचा सकती है, जिसे AI और डेटा सेंटर परियोजनाओं में लगाया जाएगा। कंपनी ने मार्च में 2.1 अरब डॉलर के पुनर्गठन (रिस्ट्रक्चरिंग) प्लान की भी घोषणा की थी, जिसमें से करीब 1 अरब डॉलर पहले ही खर्च किए जा चुके थे।
ओरेकल की वित्तीय स्थिति को लेकर निवेशकों और कर्जदाताओं में भी चिंता बढ़ी है। कंपनी के कर्ज बीमा की लागत 2009 के वित्तीय संकट के स्तर तक पहुंच गई है। बार्कलेज ने भी ओरेकल के कर्ज को डाउनग्रेड करते हुए इसे “जंक” श्रेणी के करीब बताया था। कुछ बैंकों ने इन प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग देने से दूरी बनानी शुरू कर दी है, जिससे कंपनी पर दबाव और बढ़ गया है।
AI डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स की मांग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, OpenAI अब NVIDIA के नए और तेज चिप्स पर विचार कर रहा है। इससे यह जोखिम पैदा हो गया है कि Oracle के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा उपयोग न हो पाए। तेजी से बदलती तकनीक के कारण चिप्स और सिस्टम जल्दी पुराने हो जाते हैं, जिससे बड़े निवेश पर रिटर्न को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।
छंटनी की खबर के दिन ओरेकल के शेयर में करीब 6% की तेजी आई और कंपनी ने 15 साल का उच्चतम तिमाही राजस्व $17.2 अरब दर्ज किया। हालांकि, लंबे समय में शेयर में गिरावट देखी गई है। सितंबर 2025 के $346 के स्तर से गिरकर यह करीब $146 तक आ गया है। इस गिरावट का असर कंपनी के संस्थापक लैरी एलिसन की संपत्ति पर भी पड़ा है।
ओरेकल अब पारंपरिक बिजनेस से हटकर AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, इस बदलाव की कीमत कर्मचारियों की नौकरी के रूप में चुकानी पड़ रही है। कुल मिलाकर, कंपनी की यह छंटनी लागत नियंत्रण, कर्ज प्रबंधन और भविष्य की तकनीकी निवेश रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, लेकिन इससे कर्मचारियों में असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल भी बना हुआ है।
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