शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मैं इन धमाकों की कड़ी निंदा करता हूं। लेकिन सच्चाई यह है कि यह पंजाब सरकार के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ (जागने का संकेत) है। हमारे मुख्यमंत्री, भगवंत मान जी, हर समय नशे में रहने के आदी हो गए हैं।
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में हालात ऐसे हैं कि जालंधर में धमाका हुआ। पुलिस अधिकारी कहते हैं कि स्कूटरी की बैट्री में ब्लास्ट हुआ, जबकि ‘खालिस्तान लिबरेशन आर्मी’ ने धमाके की जिम्मेदारी भी ली है। ब्लास्ट इतना बड़ा था कि कई किलोमीटर तक उनकी आवाज सुनाई दी। यह पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस की विफलता है कि बीएसएफ चौक के पास धमाका हुआ, जो जगह जालंधर का दिल कही जाती है।”
वहीं, कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने कहा कि पंजाब एक संवेदनशील राज्य है। इतिहास में देखा जा सकता है कि पंजाब में अक्सर किस तरह से धमाके हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की सरकार को सबसे पहले केंद्र के साथ मिलकर राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय पर काम करना चाहिए।
अभिषेक दत्त ने आगे कहा, “यह भी सच है कि पंजाब की सरकार आपसी विवादों में अधिक फंसी रहती है। कभी पंजाब के मुख्यमंत्री के ऊपर शराब पीकर विधानसभा जाने के आरोप लगते हैं, कभी उनके 7-7 राज्यसभा सांसद भाग हो जाते हैं। अभी यह लगता है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार भी गिरने वाली है। कहीं न कहीं भगवंत मान मुख्यमंत्री के तौर पर विफल हुए हैं। न उनके सांसद उनके बस में हैं और न राज्य की कानून व्यवस्था।”
बता दें कि मंगलवार रात को पंजाब के अमृतसर और जालंधर शहरों में धमाके हुए। अमृतसर में खासा आर्मी कैंप के बाहर धमाका हुआ, जबकि जालंधर में धमाके के बाद एक खड़ी स्कूटर पूरी तरह से नष्ट हो गई। बुधवार सुबह फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल का दौरा किया। दोनों जगह जांच टीमों ने छानबीन की और साक्ष्य जुटाए हैं।



