ओडिशा के बालासोर जिले में स्थित चांदीपुर एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से होने वाले एक महत्वपूर्ण मिसाइल परीक्षण से पहले प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। एहतियाती कदमों के तहत लॉन्च क्षेत्र के आसपास रहने वाले 11 हजार से अधिक लोगों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, लॉन्च कॉम्प्लेक्स-3 (एलसी-3) के आसपास 1 किलोमीटर से 3.5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के निवासियों को परीक्षण से पहले क्षेत्र खाली करने के निर्देश दिए गए। केवल लोगों को ही नहीं, बल्कि घरेलू पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है ताकि किसी प्रकार का जोखिम न रहे।
मंगलवार दोपहर तक कुल 11,442 लोगों को चिन्हित सुरक्षा क्षेत्र से बाहर निकाला जा चुका था। इस पूरे अभियान की निगरानी के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें विभिन्न स्थानों पर तैनात की गई हैं, ताकि सभी सुरक्षा उपायों का सुचारु रूप से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशासन ने विस्थापित परिवारों के लिए कई अस्थायी राहत शिविरों की व्यवस्था की है। इनमें बर्धनपुर मल्टीपर्पज साइक्लोन शेल्टर, बर्धनपुर हाई स्कूल, भीमपुर मल्टीपर्पज साइक्लोन शेल्टर, टुंड्रा मल्टीपर्पज साइक्लोन शेल्टर और निधिपदा सेवाश्रम शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मिसाइल प्रक्षेपण पूरा होने और आवश्यक सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद ही लोगों को अपने घरों में लौटने की अनुमति दी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, आगामी परीक्षण भारत की अगली पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-6 का हो सकता है। हालांकि, अब तक अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की है कि परीक्षण के लिए किस मिसाइल का इस्तेमाल किया जाएगा।
चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज देश के सबसे महत्वपूर्ण मिसाइल परीक्षण केंद्रों में से एक माना जाता है। यहां पहले भी कई रणनीतिक हथियार प्रणालियों का सफल परीक्षण किया जा चुका है। प्रस्तावित परीक्षण को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
हालांकि प्रक्षेपण से जुड़ी तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन जिस स्तर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, उससे इस परीक्षण के महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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