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Friday, July 10, 2026
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जापान में बारिश भी नहीं रोक सकी योग का उत्साह, 2100 लोग जुटे!

दुबई पुलिस कर्मियों, योग साधकों, विद्यार्थियों और समुदाय के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। दुबई पुलिस बैंड की विशेष प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।

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12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर विश्वभर में उत्साह, ऊर्जा और सामुदायिक सहभागिता के साथ योगोत्सव मनाया गया। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (योग फॉर हेल्दी एजिंग) रही, जिसमें सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ, संतुलित और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। दुनिया के पूर्वी छोर से लेकर पश्चिमी छोर तक योग साधना में जुटे लोग दिखे।

यूएई की राजधानी दुबई में कॉन्सुलेट जनरल ऑफ इंडिया ने पुलिस के सहयोग से दुबई पुलिस ऑफिसर्स क्लब में विशेष योग सत्र का आयोजन किया। कार्यक्रम में मेजर जनरल मोहम्मद इस्सा अल अधब की गरिमामयी उपस्थिति रही। दुबई पुलिस कर्मियों, योग साधकों, विद्यार्थियों और समुदाय के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। दुबई पुलिस बैंड की विशेष प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।

इसी प्रकार, स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा के प्रतिष्ठित ‘ह्लावने नामेस्तिए’ में आयोजित समारोह में स्थानीय समुदाय ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस अवसर पर भारत की स्लोवाक गणराज्य में राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में प्रतिभागियों को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने और अपने परिवार और मित्रों को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया।

जापान में त्सुकिजी होंगन-जी टेंपल में आयोजित योग कार्यक्रम में 2,100 से अधिक योग प्रेमियों ने भाग लिया। बारिश के बावजूद “योग साथ-साथ, बारिश हो या धूप” के उत्साहपूर्ण संदेश के साथ प्रतिभागियों ने योगाभ्यास किया। पूरे आयोजन स्थल पर सकारात्मक ऊर्जा, उत्साह और मुस्कान का वातावरण देखने को मिला।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दुनिया भर में लगभग 2,500 स्थानों पर 210 से अधिक भारतीय मिशनों ने योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वैश्विक उत्सव का मुख्य आयोजन कोलकाता के प्रतिष्ठित रेड रोड पर हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि पूरा विश्व योग के माध्यम से एक सूत्र में बंधा हुआ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, “योग ने सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से परे जाकर पूरी मानवता को जोड़ने का कार्य किया है। हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक योग की ऊर्जा देखने को मिल रही है।”

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