पंजाब के लुधियाना में जन्मे यशपाल का शुरुआत से ही क्रिकेट से खास लगाव था। जल्द ही उन्होंने इस खेल में अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया। हालांकि, उस दौर में भारतीय क्रिकेट विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने में जुटा हुआ था। घरेलू क्रिकेट में यशपाल ने लगातार अपने दमदार खेल से हर किसी को खासा प्रभावित किया।
1983 में हुए विश्व कप में यशपाल का बेहतरीन प्रदर्शन निखरकर आया। टूर्नामेंट के पहले ही मुकाबले में भारतीय टीम का सामना वेस्टइंडीज से हुआ। इस मुकाबले में भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए संघर्ष कर रही थी, लेकिन यशपाल मैदान पर उतरे और उन्होंने 120 गेंदों का सामना करते हुए 89 रनों की दमदार पारी खेली।
यशपाल की शानदार पारी के बूते भारतीय टीम इस मैच में वेस्टइंडीज को हराने में सफल रही। इसके बाद सेमीफाइनल मुकाबले में यशपाल का एक और बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला।
यशपाल ने भारत के लिए 37 टेस्ट मैचों में 33 की औसत से खेलते हुए 1606 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 9 फिफ्टी शामिल रही। वहीं, वनडे फॉर्मेट में उन्होंने 42 मुकाबलों में 4 अर्धशतक की मदद से 883 रन बनाए।
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