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Saturday, October 24, 2026
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पूर्व मंत्री के घर हंगामा, बेटी पार्थिव शरीर नहीं छू सकी!

मुद्रगाडा पद्मनाभम और उनकी बेटी के बीच 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान मतभेद गहरा गए थे। उस समय क्रांति ने जन सेना पार्टी के नेता पवन कल्याण का खुलकर समर्थन किया था।

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आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले के किर्लामपुडी में बुधवार को पूर्व मंत्री मुद्रगाडा पद्मनाभम के आवास पर उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब उनकी बेटी बरलापुडी क्रांति वहां पहुंचीं। परिवार के सदस्यों और समर्थकों ने उन्हें अपने पिता के पार्थिव शरीर को छूने से रोक दिया।

बताया जाता है कि मंगलवार को निधन से पहले कापू नेता ने अपने परिवार से इच्छा जताई थी कि उनकी बेटी को उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने दिया जाए।

मुद्रगाडा पद्मनाभम और उनकी बेटी के बीच 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान मतभेद गहरा गए थे। उस समय क्रांति ने जन सेना पार्टी के नेता पवन कल्याण का खुलकर समर्थन किया था।

क्रांति ने पवन कल्याण को कापू समुदाय का नेता बताते हुए अपने पिता के उस बयान की आलोचना की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि वह पिथापुरम विधानसभा सीट से पवन कल्याण को हराने में सफल नहीं हुए तो अपना नाम बदलकर ‘पद्मनाभम रेड्डी’ रख लेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि वह पवन कल्याण को पिथापुरम से बाहर कर देंगे।

पवन कल्याण की जीत के बाद पद्मनाभम ने अपना नाम बदलकर ‘पद्मनाभ रेड्डी’ रख लिया था। यह भी बताया जाता है कि उन्होंने परिवार से कहा था कि उनके निधन के बाद उनकी बेटी को उनके पार्थिव शरीर के पास न आने दिया जाए।

कापू समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर लंबे समय तक आंदोलन का नेतृत्व करने वाले पूर्व मंत्री ने 2024 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की सदस्यता ग्रहण की थी।

मंगलवार को हैदराबाद में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। इसके बाद मंगलवार रात उनका पार्थिव शरीर किर्लामपुडी स्थित आवास लाया गया।

दिवंगत नेता की कथित अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनके परिवार और समर्थकों ने पुलिस से अनुरोध किया था कि क्रांति को पार्थिव शरीर के पास न जाने दिया जाए।

बुधवार सुबह पुलिस ने क्रांति और उनके समर्थकों के वाहनों को प्रतिपाडु में रोक लिया। जब क्रांति ने अपने पिता के अंतिम दर्शन की अनुमति मांगी, तो पुलिस ने उन्हें समर्थकों के बिना और सीमित वाहनों के साथ किर्लामपुडी जाने की सलाह दी।

इसके बाद पुलिस उन्हें उनके पिता के आवास तक लेकर गई। वहां परिवार के सदस्यों और समर्थकों ने इसका विरोध किया तथा उन्हें घर में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान उनके खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

पुलिस सुरक्षा के बीच क्रांति अपने पिता के पार्थिव शरीर तक पहुंच गईं। इस दौरान उनकी मां ने भी उनके वहां पहुंचने पर नाराजगी जताई और पति की मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।

हालांकि, क्रांति को फ्रीजर कॉफिन में रखे अपने पिता के पार्थिव शरीर को छूने की अनुमति नहीं दी गई। करीब दो मिनट वहां रुकने के बाद वह लौट गईं।

इस बीच, आंध्र प्रदेश सरकार ने पूर्व मंत्री का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कराने का निर्णय लिया है। उनका अंतिम संस्कार बुधवार शाम किर्लामपुडी में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया।

मुद्रगाडा पद्मनाभम चार बार विधायक, एक बार लोकसभा सांसद तथा राज्य सरकार में मंत्री रह चुके थे। उनके सार्वजनिक जीवन में योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराने का फैसला किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।

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