भारतीय रेल इंजीनियरिंग सेवा (IRSE) के 1991 बैच के अधिकारी श्री संजय खरे ने सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली से वाटर रिसोर्सेज में डिप्लोमा प्राप्त किया है।
रेलवे में करीब 32 वर्षों के कार्य अनुभव के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने रेनुकूट और अहमदनगर में सहायक मंडल इंजीनियर के रूप में सेवाएं दीं। कार्यकारी इंजीनियर और उप मुख्य इंजीनियर के रूप में उन्होंने मध्य रेल की कई महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं में अहम भूमिका निभाई।
इन परियोजनाओं में पनवेल-कर्जत नई रेल लाइन, लातूर-मिरज गेज परिवर्तन और अमरावती-नरखेड़ नई रेल लाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
श्री खरे ने मध्य रेल के सोलापुर और नागपुर मंडलों में वरिष्ठ मंडल इंजीनियर के रूप में भी कार्य किया है। इसके अलावा पुणे स्थित भारतीय रेल सिविल इंजीनियरिंग संस्थान (IRICEN) में वरिष्ठ प्रोफेसर (वर्क्स) की जिम्मेदारी भी संभाली है।
उन्हें रेलवे के निर्माण कार्यों, प्रबंधन और सामान्य प्रशासन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। उनके अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता से मध्य रेल को विभिन्न चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलने की उम्मीद है।



