पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक के अनुसार, अभियान के दौरान 280 प्रमुख स्टेशन स्थलों को शामिल किया गया। 71 से अधिक स्टेशनों पर 174 शौचालयों की डी-स्केलिंग, 280 कूड़ेदानों की गहन सफाई और 77 किलोमीटर से अधिक नालियों एवं जल निकासी मार्गों की सफाई की गई। इसके अलावा करीब 140 प्रशासनिक कार्यालयों में भी विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 24 स्टेशनों पर स्क्रबर-ड्रायर, हाई-प्रेशर जेट वॉशर, राइड-ऑन स्वीपर और फॉगिंग मशीन जैसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। 27 शौचालयों और स्नान क्षेत्रों की सफाई के साथ उनकी सुविधाओं की कार्यशीलता की भी जांच की गई।
खानपान व्यवस्था में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए 780 खानपान इकाइयों, 14 पेंट्री कारों और तीन बेस किचन में गहन सफाई अभियान चलाया गया। खाद्य भंडारण क्षेत्रों में कीट एवं कृंतक नियंत्रण के उपाय भी किए गए। तीन दिवसीय अभियान में 5 टन से अधिक कचरा एकत्र हुआ। 2 से 5 अक्टूबर 2026 के दौरान हटाए और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किए गए कचरे की कुल मात्रा करीब 8 टन पहुंच गई।
अभियान में जन-जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया। नंदुरबार स्टेशन पर विद्यार्थियों और रोटरी क्लब के सदस्यों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। वहीं विरार स्टेशन पर एनएसएस स्वयंसेवकों और लायंस क्लब के सदस्यों ने कचरे के उचित निपटान को लेकर जागरूकता अभियान चलाया।
मुंबई सेंट्रल मंडल के इन प्रयासों का उद्देश्य रेलवे परिसरों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर बनाए रखने के साथ यात्रियों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता को बढ़ावा देना है।



