वर्ष 2017 में जब योगी आदित्यनाथ यूपी के सीएम पद पर आसीन हुए तभी तय हो गया था कि इस राज्य से गुंडाराज खत्म हो जाएगा| आज की तारीख में यूपी में हफ्ता वसूली, माफियाओं का इलाका, दबंगई, लूट-डकैती-फिरौती जैसे अपराध शून्य हो गए हैं| यहां तक कि यूपी के कई दुर्दांत माफिया एनकाउंटर में मारे गए|
वर्ष 2014 में जब अखिलेश यादव की सरकार गिरी तो, चुनावी विशेषज्ञों ने यही कहा था कि कानून व्यवस्था और गुंडागर्दी को बढ़ावा मिलना ही सपा के लिए घातक साबित हुआ| इस क्षेत्र में भाजपा बिल्कुल नहीं चूकी|वहीं, सपा की बात करें तो पार्टी को पढ़े-लिखे समाज में बिल्कुल जगह नहीं मिली| सिर्फ यादव वोट के साथ यह तो तय था कि सपा लड़ेगी जरूर, लेकिन सरकार नहीं बना पाएगी| अखिलेश यादव ने एक बार फिर विकास के नाम पर चुनाव जीतने की कोशिश जरूर की| लेकिन, लोगों ने उन पर दोबारा विश्वास नहीं किया और फिर से भाजपा का साथ दिया|
यूपी में भाजपा की जीत का यह भी एक सबसे बड़ा कारण है कि चुनाव के कुछ महीनों से पहले ही पीएम मोदी ने यूपी के लिए कमर कस ली थी| इस बार भी उत्तर प्रदेश चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि वर्ष 2014 में शुरू हुई मोदी लहर अभी तक जारी है| वर्ष 2017 में यूपी में भाजपा की जीत हर तरह से मोदी लहर के नाम थी|
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के विकास कार्यों के लेखा-जोखा पर नजर डालें तो| ऐसा पिछली सरकारों में कभी देखने को नहीं मिला| इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर कानून व्यवस्था के फ्रंट पर किए गए कार्यों और लिए गए फैसले सबसे ऊपर हैं| स्वास्थ्य क्षेत्र में भी योगी सरकार ने कई अभूतपूर्व कार्य किए हैं|
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