मत्स्य अवतार से जुड़ी है हॉलीवुड फिल्म ‘अवतार 2’ की कहानी?

पानी की दुनिया दिखाएगी 'अवतार 2'

मत्स्य अवतार से जुड़ी है हॉलीवुड फिल्म ‘अवतार 2’ की कहानी?

दुनिया की सबसे बड़ी ब्लॉकस्टर फिल्म ‘अवतार’ की कहानी ने दर्शकों के दिलों में एक अलग ही छाप छोड़ी थी। साल 2009 में रिलीज हुई इस फिल्म की दूसरी कड़ी ‘अवतार: द वे ऑफ वॉटर’ ने आज सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है। जहां पहली फिल्म में हवा में लटके पहाड़, वायु से संबंध रखने वाले जीवों की दुनिया को दिखाया गया। वहीं अब जेम्स कैमरून ने उसका पानी से कनेक्शन दिखाया है। हवा की तरह पानी भी भारतीय पौराणिक कथाओं में वर्णित पंच तत्वों में से एक है, जिसका जिक्र आते ही भारतीयों को लग रहा है कि फिल्म का भारतीय कनेक्शन है। वहीं हॉलीवुड के बेहतरीन निर्देशकों में से एक जेम्स कैमरून ने 13 साल की कड़ी मशक्कत और अपनी बेहतरीन सोच से इस काल्पनिक दुनिया का विस्तार बेहद बेहतरीन तरीके से किया।  

जेम्स कैमरून ने ‘अवतार’ में दर्शकों को साल 2154 में बसी पैंडोरा की काल्पनिक दुनिया से रूबरू कराया था। उस ग्रह पर नीले रंग के लंबे-लंबे लोगों की आबादी थी, जिन्हें नावी का नाम दिया था। ये नावी इंसानों की तरह दिखते हैं, लेकिन मनुष्य नहीं हैं। साल 2009 में रिलीज हुई ‘अवतार’ में हवा में तैरती दुनिया को दिखाया गया और अब ‘अवतार: द वे ऑफ वॉटर’ में  नावी की पानी में बसी दुनिया को दिखाया जाएगा।   

इस फिल्म में पानी में रहने वाले जीव जंतुओं और उनकी दुनिया को दिखाया गया है। नावी जिस ढंग से पानी में रहते हैं और वहां मौजूद जीवों से दोस्ती और प्यार करते हैं वह काबिले तारीफ है। पानी में रहनेवाली यह दुनिया पंचतत्व के एक तत्व पर आधारित है। इसमें भारतीय पौराणिक ग्रंथों के आधार पर पानी में रहने वाले तरह-तरह के जीवों का वर्णन किया गया है। इतना ही नहीं, त्रिदेवों में से एक भगवान विष्णु ने दुनिया को बचाने के लिए मत्स्य अवतार भी लिया था। यह भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से उनका प्रथम अवतार है। ऐसे में इस फिल्म को भारतीय संस्कृति और मान्यताओं से जोड़ पाना काफी आसान है। 

‘अवतार’ में नावियों की दुनिया को पंचतत्व में से एक वायु के इर्द-गिर्द बुना गया था। पैंडोरा में बसी ‘अवतार’ की इस दुनिया में हवा में उड़ने वाले जीव, ड्रैगन्स दिखाए गए थे, जिन पर सवारी करके वह लोग इधर से उधर जाते थे। वहीं पौराणिक कथाओं में भी वर्णित है कि पुराने समय में मनुष्य और जानवर मिलजुलकर रहा करते थे और उनकी दोस्ती हुआ करती थी। इतना ही नहीं जानवर मनुष्य भाषा भी समझते थे, जैसा ‘अवतार’ में भी दिखाया गया है।  

जेम्स कैमरून कि ‘अवतार’ फिल्म सीरीज भारत के हिंदू धर्म से ही प्रेरित है। फिल्म सीरीज का नाम अवतार भी हिंदुओं में पुनर्जन्म की अवधारणा को ही दुनिया में प्रचारित प्रसारित करता है। वहीं जेम्स कैमरून का कहना हैं कि हिंदुओं का पूरा देव समूह बहुत ही समृद्ध और जीवंत है। वहीं भारत की  पौराणिक कथाएं सब कुछ बेहद पसंद है। निर्देशक ने कहा था कि हिंदू संस्कृति में वायु, जल, अग्नि, आकाश और धरती सभी तत्व मानवीय विचारों को भी प्रकट करते हैं। हम दुनिया को किस तरह से देखते हैं, ये तत्व उसी के प्रतीक हैं। 

ये भी देखें 

फिल्म ‘अवतार द वे ऑफ वाटर’ की भारत में धमाकेदार एडवांस बुकिंग

Exit mobile version