30 C
Mumbai
Saturday, September 19, 2026
National Stock Exchange of India Limited
होमबिजनेसदिल्ली हाई कोर्ट से वेदांता को बड़ी अंतरिम राहत; ऑफशोर तेल ब्लॉक...

दिल्ली हाई कोर्ट से वेदांता को बड़ी अंतरिम राहत; ऑफशोर तेल ब्लॉक ONGC को सौंपने का केंद्र का आदेश स्थगित

Google News Follow

Related

- Advertisement -National Stock Exchange

दिल्ली हाई कोर्ट ने वेदांता लिमिटेड को बड़ी अंतरिम राहत देते हुए केंद्र सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें कंपनी को CB-OS/2 ऑफशोर तेल ब्लॉक ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) को सौंपने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने केंद्र सरकार और वेदांता, दोनों को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है, यानी फिलहाल ब्लॉक के स्वामित्व और संचालन से जुड़ी मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले में अंतिम फैसला होने तक CB-OS/2 ऑफशोर ब्लॉक से जुड़ी वर्तमान व्यवस्था जारी रहेगी। इसका मतलब यह है कि केंद्र सरकार इस चरण पर ब्लॉक को ONGC को स्थानांतरित नहीं कर सकती और वेदांता फिलहाल इस परिसंपत्ति पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगी।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने यह आपत्ति उठाई कि वेदांता की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस आपत्ति को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि वेदांता द्वारा प्रोडक्शन शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट (PSC) के विस्तार को खारिज किए जाने के खिलाफ उठाए गए तर्कों पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि कंपनी का पक्ष सुने बिना कोई अंतिम निर्णय लेना उचित नहीं होगा।

वेदांता को वर्ष 1998 में CB-OS/2 ऑफशोर तेल ब्लॉक प्रोडक्शन शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट के तहत आवंटित किया गया था। यह अनुबंध कॉन्ट्रैक्ट वर्ष 2023 में समाप्त हो गया। कंपनी ने वर्ष 2021 में PSC के विस्तार के लिए आवेदन किया था और दावा किया था कि उसे इससे पहले पांच बार अंतरिम विस्तार दिया जा चुका है।

हालांकि, सितंबर 2025 में केंद्र सरकार ने वेदांता के PSC विस्तार के अनुरोध को खारिज कर दिया। इसके साथ ही कंपनी को पेट्रोलियम संचालन बंद करने, क्षेत्र खाली करने और ब्लॉक ONGC को सौंपने का निर्देश दिया गया था।

वेदांता ने हाई कोर्ट को बताया कि PSC विस्तार के अनुरोध को खारिज करने से पहले केंद्र सरकार ने कंपनी को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर नहीं दिया। कंपनी ने दलील दी कि यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है, जिनके तहत किसी भी प्रतिकूल निर्णय से पहले संबंधित पक्ष को सुनना आवश्यक होता है। इसी आधार पर वेदांता ने केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती दी है।

हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल CB-OS/2 ऑफशोर तेल ब्लॉक पर वेदांता का नियंत्रण बना रहेगा। अदालत ने साफ किया है कि मामले के सभी कानूनी पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें:

दिल्ली हाईकोर्ट ने डिफेंस कॉलोनी बस्ती बावली मस्जिद अतिक्रमण याचिका निपटाई

ऑपरेशन कगार: आत्मसमर्पित माओवादी कमांडर ने सौंपी डायरी, बताया मारे गए या घर लौटे कई कैडर

भाग्यश्री ने बताए केटलबेल स्विंग्स एक्सरसाइज के फायदे, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,340फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
334,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें