ड्रोन आयात में रिश्वतखोरी के आरोप में DGCA के उप महानिदेशक गिरफ्तार

CBI की कार्रवाई

ड्रोन आयात में रिश्वतखोरी के आरोप में DGCA के उप महानिदेशक गिरफ्तार

DGCA Deputy Director General arrested for bribery in drone imports

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ड्रोन आयात से जुड़े ₹2.5 लाख के कथित रिश्वतखोरी के मामले में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के एक वरिष्ठ अधिकारी समेत एक निजी कंपनी के शीर्ष पदाधिकारी को गिरफ्तार किया है।  गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में DGCA के एयरवर्थिनेस निदेशालय में तैनात उप महानिदेशक मुदावथ देवुला और एक बड़े कॉर्पोरेट समूह के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट भरत माथुर शामिल हैं। CBI के अनुसार, यह मामला 18 अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया था।

CBI के आधिकारिक बयान के अनुसार, नागरीसेवा के आरोपी ने एक निजी एयरोस्पेस कंपनी से संबंधित लंबित आवेदनों को मंजूरी देने के बदले अनुचित लाभ की मांग की थी। एजेंसी ने शनिवार (18 अप्रैल) को ट्रैप ऑपरेशन के दौरान ₹2.5 लाख की पूरी रिश्वत राशि बरामद करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। CBI ने कहा, “डिप्टी डायरेक्टर जनरल, एयरवर्थिनेस निदेशालय, DGCA मुख्यालय, नई दिल्ली और एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि को ₹2.5 लाख के रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसमें पूरी राशि जब्त की गई है।”

मामले के पंजीकरण के बाद CBI की टीमों ने दिल्ली में चार स्थानों पर छापेमारी की। इन तलाशी अभियानों के दौरान ₹37 लाख नकद, सोने-चांदी के सिक्के और कई डिजिटल उपकरण बरामद किए गए, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

एयरवर्थिनेस निदेशालय DGCA का एक महत्वपूर्ण विभाग है, जिसमें प्रमाणन प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों के अनुपालन और आयात एवं संचालन की मंजूरी से संबंधित कार्यों की देखरेख करता है। इसी में ड्रोन (मानवरहित हवाई वाहन) भी शामिल होते हैं। ऐसे में इस स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप नागरिक उड्डयन सुरक्षा और नियामकीय पारदर्शिता पर गंभीर चिंता पैदा करते हैं।

CBI ने इस मामले को एक वरिष्ठ नियामक अधिकारी और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि के बीच कथित भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला बताया है। एजेंसी ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य संभावित कड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है। इस बीच कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि आरोपी भरत माथुर रिलायंस कम्युनिकेशंस के वीपी हैं। जबकि ऐसा व्यक्ति सच में कंपनी में वीपी है, हालांकि कंपनी ने CBI या किसी मीडिया रिपोर्ट से इसकी पुष्टि नहीं की है।

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