पिछले कुछ सप्ताहों से होर्मुज़ जलडमरूमध्य चर्चा का केंद्र बना हुआ है और ईरान तथा अमेरिका के बीच इस समुद्री मार्ग को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण यह मार्ग इज़रायल-अमेरिका बनाम ईरान के बीच युद्ध होने के बाद लगातार विवाद का केंद्र बना हुआ है। इस मार्ग के उपयोग की अनुमति को लेकर समय-समय पर अमेरिका और ईरान ने अलग-अलग रुख अपनाया है। इसी बीच अब यह सामने आया है कि एक ही दिन में इस समुद्री मार्ग से २० से अधिक जहाजों ने यात्रा की।
जहाज परिवहन विश्लेषण कंपनी केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को २० से अधिक जहाजों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पार किया, जो १ मार्च के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सबसे बड़ी संख्या है। शनिवार(19 अप्रैल) को यात्रा करने वाले जहाजों में से पांच जहाजों ने ईरान से तेल उत्पादों से लेकर धातुओं तक का माल लादा। इनमें से तीन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) ले जाने वाले जहाज हैं, जिनमें से एक चीन और एक भारत की ओर जा रहा है।
संयुक्त अरब अमीरात से एलपीजी लेकर जाने वाला पनामा का ध्वजधारी ‘क्रेव’ टैंकर इंडोनेशिया की ओर जा रहा है। बहरीन से शुद्ध उत्पाद लेकर निकले तीन टैंकरों में से दो ‘अक्ती ए’ और ‘अथिना’ क्रमशः मोज़ाम्बिक और थाईलैंड की ओर बढ़ रहे हैं। लाइबेरिया का ध्वजधारी टैंकर ‘नेविग8 मैकएलिस्टर’ संयुक्त अरब अमीरात से लगभग ५ लाख बैरल नैफ्था दक्षिण कोरिया के उल्सान तक पहुंचा रहा है। वहीं ‘वेरी लार्ज क्रूड कैरियर एफपीएमसी सी लॉर्ड’ नामक जहाज लगभग २० लाख बैरल सऊदी कच्चा तेल लेकर ताइवान के मैलियाओ बंदरगाह की ओर जा रहा है।
भारतीय ध्वज वाला ‘देश गरिमा’ जहाज संयुक्त अरब अमीरात के दास क्रूड के लगभग ७.८ लाख बैरल लेकर श्रीलंका की ओर रवाना हुआ है। वहीं कतर से उर्वरक लेकर जा रहा ‘रूबी’ जहाज संयुक्त अरब अमीरात की ओर बढ़ रहा है। टैंकर ‘मेरी एम’ सऊदी अरब से भरा पेट्रोलियम कोक इटली के रैवेना बंदरगाह तक ले जा रहा है।
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