उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने स्थानीय मौलवी और उसके सहयोगी पर झाड़-फूंक के बहाने नशीला पदार्थ देकर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा उस पर शिकायत न करने का दबाव बनाया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान मौलवी जुनैद और उसके सहयोगी नदीम के रूप में हुई है। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि 15 अप्रैल को नदीम उसे और उसके छोटे बेटे को सीड़की गांव स्थित एक मस्जिद में ले गया। उसने दावा किया था कि मौलवी जुनैद उसके बच्चे की बिगड़ती सेहत को स्थायी रूप से ठीक कर सकता है। पीड़िता ने कहा, “उसने मुझसे कहा कि एक मौलवी है जो मेरे बच्चे का इलाज करेगा ताकि उसकी तबीयत फिर कभी खराब न हो। इसलिए मैं वहां चली गई।”
शिकायत के अनुसार, शिकायत में बताया कि घटना 15 अप्रैल 2026 की है, जब सुबह नदीम उसे और उसके बच्चे को झाड़-फूंक करवाने के बहाने अपने साथ ले गया। मस्जिद पहुंचने के बाद उसे और उसके बेटे को नशीला पदार्थ मिला पानी पिलाया गया, जिससे दोनों बेहोश हो गए। बेहोशी की हालत में उसे मस्जिद के पास स्थित मौलवी के कमरे में ले जाया गया, जहां मौलवी जुनैद और नदीम ने उसके साथ दुष्कर्म किया। होश में आने पर जब उसने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने घटना का वीडियो बना लिया है और यदि उसने किसी को बताया तो उसे वायरल कर देंगे।
बाद में आरोपी उसे माजरी गांव छोड़ने के बहाने ले गए और रास्ते में भी उसके साथ दुर्व्यवहार किया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया किजब वह अपने पति के साथ थाना फतेहपुर में शिकायत करने पहुँची तब पुलिस ने उस पर शिकायत न करने का दबाव बनाया। आरोपी वहां भी पहुंच गए और उसे धमकाकर पुलिस कार्रवाई को रुकवा दिया। इसके बाद उसने एक वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क किया, जिन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित रूप से नशीला पदार्थ देने और अपराध करने की बात स्वीकार की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़िता का बीमार बेटा भी सुरक्षित बताया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि पीड़िता को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है और मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
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