केरलम में हिंदू त्योहार ‘विशु’ के अवसर पर भगवान श्री कृष्ण के साथ मांसाहारी भोजन ‘कुझी मंदी’ (Kuzhi Mandi) दिखाते हुए विवादास्पद पोस्टर सोशल मीडिया पर साझा करने के बाद केरलम पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। इस अपमानजनक प्रचार के आरोप में मलप्पुरम और अलाप्पुझा जिलों से दो अलग-अलग रेस्तरां के मालिकों और सोशल मीडिया हैंडलर सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मलप्पुरम जिले के वलम्बूर स्थित “यामामा शवाया” (Yamama Shawaya) रेस्तरां ने 14 अप्रैल को विशु की शुभकामनाओं के लिए एक पोस्टर पोस्ट किया था। इस पोस्टर में भगवान कृष्ण की छवि के साथ मांसाहारी व्यंजन दिखाया गया था और उस पर “स्वाद की समृद्धि परोसते हुए” लिखा था।
इस मामले में मानकाडा पुलिस ने रेस्तरां के मालिक मुस्तफा कुंदुवायिल और शाहुल हमीद के साथ-साथ उनके सोशल मीडिया अकाउंट संभालने वाले मोहम्मद शाहीन को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश और विरोध के बाद 17 अप्रैल को पोस्ट हटा ली गई थी। इन तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192 (दंगा भड़काने के इरादे से दुर्भावनापूर्ण उकसावा) के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
इसी तरह की एक और घटना अलाप्पुझा जिले के चेरथला में सामने आई। यहाँ “मेहर मंदी एंड ग्रिल्स” (Meher Mandi & Grills) रेस्तरां ने भी व्हाट्सएप के जरिए इसी तरह का आपत्तिजनक पोस्टर प्रसारित किया था। इस मामले में पुलिस ने रेस्तरां के मालिक अरशद और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस रेस्तरां के सह-मालिकों में अरशद के साथ मोहम्मद शेमिर और शमनाद भी शामिल हैं। मोहम्मद शेमिर कथित तौर पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के स्थानीय नेता का बेटा है। हिंदू संगठनों ने इस अपमानजनक कृत्य के खिलाफ रेस्तरां तक विरोध मार्च निकालने की चेतावनी दी थी।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया और कानूनी कार्रवाई के बाद, होटल प्रबंधन ने एक तथाकथित माफी वीडियो जारी किया है। रेस्तरां का दावा है कि यह पोस्टर आउटसोर्स किया गया था और ग्राफिक डिजाइनर की गलती के कारण यह आपत्तिजनक तस्वीर बन गई।
सोशल मीडिया यूजर्स और हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि कई रेस्तरां जानबूझकर विशु जैसे पवित्र त्योहार पर भगवान कृष्ण को मांसाहारी भोजन के साथ चित्रित कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि यह हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और उन्हें उकसाने का एक संगठित प्रयास है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या विभिन्न रेस्तरां द्वारा एक ही समय में इस तरह के पोस्टर साझा करने के पीछे कोई आपसी समन्वय या गहरी साजिश थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले किसी भी प्रयास से कड़ाई से निपटा जाएगा।
यह भी पढ़ें:
ईरान के जब्त जहाज पर चीन से लाए गए मिसाइल के केमिकल
सूरत में ₹1 करोड़ का हवाला नेटवर्क बेनकाब, AAP नेताओं से जुड़े होने का दावा
दिल्ली हाईकोर्ट में केजरीवाल को झटका, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा करेंगी मामले की सुनवाई



