भारत की तरफ से 2030 तक जी20 देशों को वस्तुओं का निर्यात।

500 अरब डॉलर का निर्यात कर सकता है भारत

भारत की तरफ से 2030 तक जी20 देशों को वस्तुओं का निर्यात।

भारत का 2030 तक जी20 देशों को वस्तुओं का निर्यात दोगुना से ज्यादा बढ़कर 500 अरब डॉलर पहुंच सकता है। 2021-22 में यह 212 अरब डॉलर रहा था। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अध्यक्ष साकेत डालमिया ने मंगलवार को कहा कि जी20 देशों के साथ कारोबारी गतिविधियों में विस्तार से भारत का इन देशों के साथ व्यापार घाटा 50 फीसदी तक कम करने में मदद मिलेगी। वहीं अभी जी20 देशों के साथ भारत का व्यापार घाटा 107 अरब डॉलर है। डालमिया ने कहा कि जी20 देशों में से सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में भारत अनिश्चितताओं को अवसरों में बदलने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही जी20 की अध्यक्षता भारत के पास आना भू-राजनीतिक तनाव, उच्च महंगाई और सुस्त होती आर्थिक वृद्धि के दौर में स्थिरता लाने के लिहाज से असरदार साबित होगा। 

देश की सबसे बड़ी फार्मा डील होने वाली है। ग्लैंड फार्मा बिक सकती है। ग्लैंड फार्मा 60 देशों में मौजूद है। जिसके लिए बैरिंग प्राइवेट इक्विटी एशिया, एडवेंट इंटरनेशनल, ब्लैकस्टोन, बैन कैपिटल, कार्लाइल और केकेआर खरीदने की दौड़ में हैं। बता दें कि जो भी कंपनी इसे खरीदेगी, उसे 26 फीसदी अतिरिक्त हिस्सा खरीदने के लिए ओपन ऑफर भी लाना होगा। दरअसल फोसुन अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए ग्लैंड फार्मा में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। कंपनी चीन के प्रॉपर्टी क्षेत्र में मंदी के कारण वित्तीय दबाव में आ गई है। साथ ही यह नई पूंजी भी जुटाने में अब सक्षम नहीं है। 

इसके अतिरिक्त कुमार मंगलम बिरला ने वित्तीय सेवा कारोबार का पुनर्गठन करने की रणनीति के तहत समूह बीमा ब्रोकरेज इकाई को आदित्य बिड़ला इंश्योरेंस ब्रोकर्स को बेचने पर विचार कर रहे है। इसके लिए सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी ने आदित्य बिरला इंश्योरेंस ब्रोकर्स की बिक्री के बारे में संभावित खरीदारों के साथ बातचीत की है। यह भारत के सबसे बड़े समग्र बीमाकर्ताओं में से एक है। 31 मार्च, 2021 तक इसका राजस्व 600 करोड़ रहा है।

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