भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूत करते हुए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का ऑर्डर बुक ₹2.22 लाख करोड़ से अधिक पहुंच गया है। संसदीय स्थायी समिति को दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, जिनकी डिलीवरी मार्च 2034 तक निर्धारित है। इन प्रोजेक्ट्स में प्रमुख रूप से 180 HAL तेजस Mk1A लड़ाकू विमान, 156 HAL प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर, और 34 HAL ध्रुव हेलिकॉप्टर शामिल हैं। इसके अलावा HTT-40 ट्रेनर और डोर्नियर डो 228 विमानों का निर्माण भी जारी है।
HAL के CMD ने बताया कि कंपनी वर्तमान में ₹2,22,182 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जो भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। HAL तेजस Mk1A कार्यक्रम में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अब तक 5 उन्नत 4.5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान तैयार हो चुके हैं। इनमें आधुनिक रडार, डेटा ट्रांसफर यूनिट (DTU) और ASRAAM तथा ASTRA मिसाइल जैसे अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया है।
उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नासिक में तेजस के लिए तीसरी असेंबली लाइन शुरू की गई है, जिससे हर साल 24 विमान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं HTT-40 ट्रेनर के लिए भी दूसरी लाइन स्थापित की गई है।
हेलिकॉप्टर सेक्टर में, HAL अब तक 72 ध्रुव हेलिकॉप्टर की डिलीवरी कर चुका है और 34 अतिरिक्त इकाइयों का ऑर्डर प्रगति पर है। खासतौर पर HAL प्रचंड कार्यक्रम ने बड़ी सफलता हासिल की है, जहां 15 हेलिकॉप्टर समय से पहले डिलीवर किए गए और अब सेना तथा वायुसेना के लिए 156 हेलिकॉप्टर का बड़ा ऑर्डर मिला है।
वहीं डोर्नियर डो 228 विमानों का उत्पादन भी जारी है, जो समुद्री निगरानी और परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके साथ ही, सुखोई Su-30MKI फाइटर जेट के उत्पादन को भी फिर से शुरू किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने दिसंबर 2024 में लगभग ₹13,500 करोड़ के 12 विमानों के ऑर्डर को मंजूरी दी थी। इन विमानों में 62.6% स्वदेशी सामग्री शामिल है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है।
HAL के पास AL-31FP इंजन के 240 इंजनों का भी ऑर्डर है, जो Su-30MKI बेड़े के लिए आवश्यक हैं। इनकी डिलीवरी चरणबद्ध तरीके से की जा रही है।
बता दें की, यह जानकारी ‘डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स के लिए 2026-27 के अनुदान की मांग’ पर आधारित संसदीय रिपोर्ट में दी गई। HAL प्रबंधन ने कंपनी के मजबूत प्रदर्शन और स्वदेशी रक्षा उत्पादन में उसकी अहम भूमिका पर जोर दिया।
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