L&T का AI पर बड़ा दांव: देशभर में डेटा सेंटर विस्तार पर ₹10,000 करोड़ निवेश

 ‘Vyoma’ ब्रांड के तहत बनेगा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क। मुंबई, बेंगलुरु और विशाखापत्तनम में विकसित होगी 200 मेगावाट क्षमता; AI, क्लाउड और क्वांटम कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग पर कंपनी का फोकस

L&T का AI पर बड़ा दांव: देशभर में डेटा सेंटर विस्तार पर ₹10,000 करोड़ निवेश

L&T bets big on AI: Invests ₹10,000 crore to expand data centers across the country

लार्सेन एंड टुर्बो (L&T) ने भारत में अपने डेटा सेंटर कारोबार के बड़े विस्तार की घोषणा करते हुए लगभग 10,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना पेश की है। कंपनी यह निवेश अपने “लक्ष्य 2031” विजन के तहत करेगी, जिसका उद्देश्य देशभर में लगभग 200 मेगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करना है। यह क्षमता मुख्य रूप से विशाखापत्तनम, बेंगलुरु और मुंबई में स्थापित की जाएगी।

कंपनी ने अपने डेटा सेंटर व्यवसाय को नया नाम देते हुए “लार्सन एंड टूब्रो व्योमा” ब्रांड लॉन्च किया है। L&T का कहना है कि यह परियोजना वैश्विक हाइपरस्केलर्स, सॉवरेन प्राइवेट क्लाउड ग्राहकों और उभरती क्वांटम कम्प्यूटिंग जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।

कंपनी ने तमिलनाडु के कांचीपुरम में पहले ही 12 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर चालू कर दिया है, जबकि अतिरिक्त 6 मेगावाट क्षमता जल्द पूरी होने वाली है। इससे कुल उपलब्ध क्षमता 30 मेगावाट तक पहुंच जाएगी।

L&T के अनुसार इन डेटा सेंटरों को हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, एडवांस्ड डेटा स्टोरेज और AI आधारित वर्कलोड को संभालने के लिए डिजाइन किया जा रहा है। कंपनी विशेष रूप से GPU-सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दे रही है ताकि भविष्य में AI और क्वांटम कम्प्यूटिंग की बढ़ती जरूरतों को पूरा किया जा सके।

कंपनी के अध्यक्ष और मुख्य वित्तीय अधिकारी आर. शंकर रमन ने कहा कि डेटा सेंटरों में अत्याधुनिक GPU तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जो गहन कंप्यूटिंग और AI आधारित सिस्टम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

L&T का बिजनेस मॉडल ‘build-to-suit’ व्यवस्था पर आधारित होगा, जिसमें सर्वर चिप कंपनियों, GPU प्रदाताओं और अंतिम ग्राहकों के साथ मिलकर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इसी दिशा में कंपनी ने Nvidia के साथ एक समझौता (MoU) भी किया है।

कंपनी का कहना है कि Nvidia के साथ साझेदारी से बड़े हाइपरस्केल ग्राहकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को AI और उन्नत कंप्यूटिंग जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।

L&T ने स्पष्ट किया है कि यह विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। कंपनी फिलहाल बाजार तैयार करने, सप्लाई चेन मजबूत करने और आधारभूत ढांचा विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। निवेश से मिलने वाला रिटर्न लगभग 13 से 14 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद जताई गई है।

आर. शंकर रमन ने कहा कि इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ 2031 से 2036 के बीच देखने को मिल सकता है। उन्होंने बताया कि डेटा सेंटर की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि उनमें कितनी तेजी से ग्राहक और वर्कलोड जोड़े जाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार यह निवेश भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार में L&T की बड़ी रणनीतिक एंट्री माना जा रहा है। AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल सेवाओं और क्वांटम टेक्नोलॉजी की बढ़ती मांग के बीच डेटा सेंटर सेक्टर आने वाले वर्षों में देश की सबसे महत्वपूर्ण टेक इंडस्ट्री में शामिल हो सकता है।

L&T का “व्योमा” प्रोजेक्ट भारत की डिजिटल आत्मनिर्भरता और तकनीकी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य केवल व्यावसायिक विस्तार नहीं बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने में योगदान देना भी है।

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