रक्षा मंत्री ने AMCA सेंटर और ‘ड्रोन सिटी’ समेत 4 मेगा डिफेंस प्रोजेक्ट्स की रखी आधारशिला

पुट्टपर्थी में बनेगा भारत के 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट का परीक्षण केंद्र, कुरनूल को ड्रोन टेक्नोलॉजी हब बनाने की तैयारी

रक्षा मंत्री ने AMCA सेंटर और ‘ड्रोन सिटी’ समेत 4 मेगा डिफेंस प्रोजेक्ट्स की रखी आधारशिला

Defence Minister lays foundation stone for 4 mega defence projects including AMCA Centre and 'Drone City'

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार (15 मई)को आंध्र प्रदेश में चार बड़े रक्षा परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इसके साथ ही कुरनूल में ड्रोन सिटी स्थापित करने की भी शुरुआत की गई। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद रहे। कार्यक्रम मुख्य रूप से पुट्टपर्ती में आयोजित किया गया, जबकि कुछ परियोजनाएं राज्य के अन्य जिलों में विकसित की जाएंगी।

इन परियोजनाओं को “आत्मनिर्भर भारत” अभियान के तहत रक्षा विनिर्माण और आधुनिक सैन्य तकनीक में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार ये परियोजनाएं भारतीय वायुसेना, नौसेना और थलसेना की क्षमताओं को मजबूत करेंगी, साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार और रक्षा उद्योग का नया इकोसिस्टम भी तैयार करेंगी।

सबसे प्रमुख परियोजना एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम के लिए  विमान एकीकरण और उड़ान परीक्षण केंद्र है। इस परियोजना को वैमानिकी विकास एजेंसी (ADA) द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह केंद्र भारत के स्वदेशी 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट के इंटीग्रेशन, वैलिडेशन, फ्लाइट टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन का राष्ट्रीय हब बनेगा।

करीब 15,000 करोड़ रुपये के AMCA प्रोग्राम में यह केंद्र बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। लगभग 2,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉम्प्लेक्स पुट्टपर्थी में करीब 650 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। परियोजना से लगभग 7,500 उच्च कौशल वाले प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। यह पूरा क्षेत्र भविष्य में एयरोस्पेस और रक्षा निर्माण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

इसके अलावा भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) द्वारा 480 करोड़ रुपये की लागत से नौसेना प्रणाली विनिर्माण सुविधा स्थापित की जाएगी। यह परियोजना अनाकापल्ली जिले के टी सिरासापल्ली गांव में विकसित होगी। यहां ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल, अंडरवॉटर काउंटर-मेजर सिस्टम और नई पीढ़ी के टॉरपीडो जैसे अत्याधुनिक नौसैनिक हथियारों के महत्वपूर्ण उपकरण बनाए जाएंगे, जिन्हें अब तक भारत विदेशों से आयात करता रहा है।

तीसरी बड़ी परियोजना एचएफसीएल लिमिटेड की गोला-बारूद और इलेक्ट्रिक फ्यूज निर्माण सुविधा है। करीब 1,200 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में सेना, वायुसेना और नौसेना के लिए गोला-बारूद और इलेक्ट्रिक फ्यूज तैयार किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस अत्याधुनिक संयंत्र से भारतीय सशस्त्र बलों की युद्ध क्षमता और तैयारियों को मजबूती मिलेगी।

वहीं कुर्नूल में आठ ड्रोन कंपनियों के समूह द्वारा ड्रोन सिटी विकसित की जाएगी। इस परियोजना के तहत ड्रोन निर्माण, रिसर्च, प्रशिक्षण और नई तकनीक के विकास से जुड़े कई प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। राज्य सरकार पहले ही ड्रोन स्टार्टअप्स और रक्षा कंपनियों के साथ कई दौर की बातचीत कर चुकी है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “पुट्टापर्थी उन खास ग्लोबल जगहों में शामिल होने वाला है, जहां से पांचवीं पीढ़ी का एयरक्राफ्ट उड़ान भरेगा। यह एक ऐसे एयरक्राफ्ट का जन्मस्थान बनेगा जो पलक झपकते ही दुश्मन को खत्म कर सकता है।”

उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा,”यह बहुत महत्वपूर्ण बात है कि एक ही अवसर पर हम भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना के लिए एक साथ सुविधाएं विकसित कर रहे हैं।”

राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने रक्षा क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि 2014 में भारत का रक्षा उत्पादन जहां लगभग 46,000 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले एक-दो महीनों में यह आंकड़ा 1.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।

रक्षा निर्यात पर भी बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक दशक पहले जहां भारत का रक्षा निर्यात लगभग 600 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

अपने संबोधन के अंत में रक्षा मंत्री ने लोगों से फेक न्यूज और गलत सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा, “यह ज़रूरी नहीं है कि हमारे दुश्मन हम पर सिर्फ़ हथियारों से हमला करने की कोशिश करें। वे अफ़वाहें या गलत जानकारी फैलाकर नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि अफवाहें और गलत सूचनाएं देश में अराजकता फैलाने का माध्यम बन सकती हैं, इसलिए नागरिकों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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