29.5 C
Mumbai
Wednesday, October 21, 2026
होमन्यूज़ अपडेटमुंबई में CNG फिर महंगी, 15 दिनों में दूसरी बढ़ोतरी; अब 86...

मुंबई में CNG फिर महंगी, 15 दिनों में दूसरी बढ़ोतरी; अब 86 रुपये प्रति किलो हुई कीमत

MGL ने मुंबई महानगर क्षेत्र में CNG के दाम 2 रुपये प्रति किलो बढ़ाए, एक महीने से कम समय में कुल 4 रुपये की बढ़ोतरी; यात्रियों, टैक्सी चालकों और परिवहन क्षेत्र पर बढ़ेगा बोझ

Google News Follow

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में एक बार फिर सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लगा है। सरकारी गैस वितरक कंपनी महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की घोषणा की है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।

ताजा संशोधन के बाद मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी की खुदरा कीमत बढ़कर 86 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। इससे पहले 14 मई को भी कंपनी ने सीएनजी के दामों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की थी। इस तरह एक महीने से भी कम समय में सीएनजी की कीमतों में कुल 4 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हो चुकी है।

इस मूल्य वृद्धि का सीधा असर रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों, टैक्सी चालकों, ऑटो चालकों और सीएनजी आधारित व्यावसायिक वाहनों के संचालकों पर पड़ने की संभावना है। हालांकि MGL ने अभी तक इस नवीनतम मूल्य वृद्धि के पीछे कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है।

बता दें की देश की राजधानी दिल्ली में भी हाल ही में सीएनजी की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। 26 मई को दिल्ली में सीएनजी के दाम 2 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाकर 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिए गए थे। इसके साथ ही दिल्ली में 11 दिनों के भीतर यह चौथी और केवल नौ दिनों में तीसरी बढ़ोतरी थी। 15 मई के बाद से राष्ट्रीय राजधानी में सीएनजी की कीमतों में कुल 7 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हो चुकी है।

दिल्ली में मूल्य वृद्धि का सिलसिला 15 मई को 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी से शुरू हुआ था। इसके बाद अगले सप्ताह दो अलग-अलग अवसरों पर 1-1 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई। हालांकि सीएनजी की कीमतों में लगातार इजाफे के बावजूद घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार ईंधन कीमतों में यह बढ़ोतरी वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर बढ़ते दबाव से जुड़ी हुई है। उद्योग जगत का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं बढ़ी हैं। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए भू-राजनीतिक तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर दिखाई दे रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों से परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की परिचालन लागत में वृद्धि होगी। इसका असर आगे चलकर आवश्यक वस्तुओं और खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि माल ढुलाई का खर्च बढ़ने की संभावना है।

वहीं सरकारी अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती आयात लागत की भरपाई करने और अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों के बीच ईंधन आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए मूल्य समायोजन आवश्यक है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85 प्रतिशत आयात करता है, जिसके कारण घरेलू ईंधन कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से सीधे प्रभावित होती हैं।

यह भी पढ़ें:

सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत का खजाना हैं दालें, जानिए कौन-सी दाल शरीर को क्या देती है फायदा

मां और शिशु दोनों के लिए खतरनाक ‘गर्मी का तनाव’, ऐसे करें ‘हीट स्ट्रेस’ से बचाव

एसी ऑन करने से पहले आजमाएं ये छोटी की ट्रिक, कमरा तेजी से होगा ठंडा, बिजली की भी होगी बचत

“ट्रम्प के दावे सत्य और असत्य का मिश्रण”

National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें