पेट्रोल-डीजल के दाम में 3 रुपये की बढ़ोतरी, CNG भी 2 रुपये महंगी

परिवहन और दैनिक खर्च बढ़ने की आशंका

पेट्रोल-डीजल के दाम में 3 रुपये की बढ़ोतरी, CNG भी 2 रुपये महंगी

Petrol and diesel prices increased by Rs 3, CNG also became costlier by Rs 2.

देशभर के नागरिकों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 3 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जबकि CNG के दाम में भी प्रति किलोग्राम 2 रुपये की वृद्धि की गई है। यह नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं, जिससे वाहन चालकों, परिवहन क्षेत्र और आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है।

चार वर्षों बाद पहली बार देश में ईंधन की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की गई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सरकारी तेल कंपनियों पर बड़ा आर्थिक दबाव बना है। बताया जा रहा है कि इसी नुकसान की भरपाई के लिए यह फैसला लिया गया है।

नई दरों के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और अन्य महानगरों में भी ईंधन के दाम बढ़ गए हैं। राज्यवार टैक्स संरचना के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है।

इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में CNG की कीमत में प्रति किलोग्राम 2 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे नया भाव 79.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। मुंबई में महानगर गैस लिमिटेड ने भी CNG की कीमत में 2 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिसके बाद यहां CNG 84 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।

CNG की कीमत बढ़ने का सबसे अधिक असर ऑटो रिक्शा, टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन पर पड़ने की संभावना है। कई शहरों में रिक्शा और कैब चालकों ने किराया बढ़ाने के संकेत दिए हैं, जिससे आम नागरिकों का रोजाना सफर और महंगा हो सकता है।

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से माल परिवहन की लागत भी बढ़ेगी। इसका सीधा असर सब्जियां, दूध, अनाज, किराना और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोल-डीजल के साथ CNG महंगी होने से परिवहन और वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है।

कुछ दिनों पहले ही केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंग पूरी ने कहा था कि तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण ईंधन दरों को लंबे समय तक नियंत्रण में रखना मुश्किल हो रहा है। इसके बाद अब यह दरवृद्धि लागू कर दी गई है।

इस फैसले के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी दलों का आरोप है कि पहले से महंगाई से परेशान जनता पर सरकार ने अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। वहीं, सरकार की ओर से अब तक किसी राहत पैकेज या सहायता की घोषणा नहीं की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं, तो आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। इससे आम नागरिकों की आर्थिक परेशानियां और बढ़ने की आशंका है।

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