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सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा टूटा: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के पीछे यह रही 6 प्रमुख वजहें

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मंगलवार (20 जनवरी) को घरेलू शेयर बाजार में तेज और व्यापक बिकवाली देखने को मिली, जिससे हालिया स्थिरता की कोशिशें टूट गईं और बाजार भावनाओं में स्पष्ट नकारात्मक मोड़ दर्ज हुआ। सेंसेक्स 1,065.71 अंक या 1.28% गिरकर 82,180.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 353 अंक लुढ़ककर 25,232.50 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट ने निवेशकों की बड़ी संपत्ति मिटा दी और प्रमुख सूचकांकों को कई हफ्तों के निचले स्तर पर धकेल दिया।

यह गिरावट किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई दबाव बिंदुओं के एक साथ सक्रिय होने से आई, जिसने नकारात्मक गति को और तेज कर दिया।

1) दिग्गज कंपनियों के नतीजों से निराशा:

सूचकांक में शामिल कुछ बड़ी कंपनियों के तिमाही में कमजोर नतीजों ने बाजार पर दबाव बनाया। कमजोर आउटलुक और मार्जिन पर दबाव की टिप्पणियों से व्यापक बिकवाली हुई और कई सेक्टरों में सेंटीमेंट बिगड़ा।

2) विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी:

विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार शुद्ध विक्रेता बने रहे, जिससे हफ्तों से जारी ट्रेंड और गहरा गया। तरलता पर असर पड़ा और हर नकारात्मक खबर का प्रभाव ज्यादा महसूस हुआ।

3) वैश्विक अनिश्चितता और टैरिफ चिंताएं:

टैरिफ कदमों और व्यापार वार्ताओं को लेकर वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी, जिससे निवेशक रिस्क-ऑफ मोड में चले गए। उभरते बाजारों पर संभावित असर की आशंका से घरेलू बिकवाली तेज हुई।

4) एशिया-यूरोप से कमजोर संकेत:

एशियाई और यूरोपीय बाजारों से कमजोर संकेत मिले। वैश्विक वृद्धि में सुस्ती और भू-राजनीतिक तनाव की चिंताओं ने सेंटीमेंट को दबाया, और भारतीय बाजार वैश्विक गिरावट के साथ चले।

5) आईटी शेयरों में तेज गिरावट:

आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। वैश्विक मांग को लेकर चिंता और बड़ी आईटी कंपनियों की सतर्क टिप्पणियों से मुनाफावसूली बढ़ी, जिसने सूचकांकों पर और भार डाला।

6) अहम सपोर्ट टूटने से एल्गो बिकवाली:

सेंसेक्स और निफ्टी के प्रमुख सपोर्ट स्तर शुरुआती सत्र में टूटे, जिससे एल्गोरिदमिक बिकवाली, स्टॉप-लॉस ट्रिगर और शॉर्ट-टर्म अनवाइंडिंग शुरू हुई। इसके बाद दोपहर तक गिरावट की रफ्तार बढ़ती चली गई।

निकट अवधि में बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशक कॉरपोरेट कमेंट्री, विदेशी फंड फ्लो और वैश्विक मैक्रो संकेतों पर नजर रखेंगे ताकि यह तय हो सके कि यह अस्थायी झटका है या गहरी करेक्शन की शुरुआत।

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