T20 विश्व कप 2026 से बाहर होने की स्थिति में बांग्लादेश क्रिकेट का भविष्य गंभीर संकट में पड़ता नजर आ रहा है। अंतरिम सरकार के भारत-विरोधी रुख पर अड़े रहने और भारत में खेलने से इनकार करने के फैसले का सीधा असर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की वित्तीय सेहत पर पड़ने जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस फैसले के चलते बीसीबी की कुल आय में 50 से 60 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है और उसे भारतीय मुद्रा में सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मामले की पृष्ठभूमि में, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बांग्लादेश के टी20 विश्व कप 2026 के अपने मैचों को भारत से श्रीलंका स्थानांतरित करने की मांग को खारिज की थी। इसके बाद ICC ने बांग्लादेश को भारत में खेलने पर सहमत होने का एक अंतिम अवसर दिया। हालांकि, बांग्लादेश सरकार और BCB ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपने फैसले पर कायम रहने का विकल्प चुना। सरकार का कहना है कि भारत में खिलाड़ियों, पत्रकारों और प्रशंसकों की सुरक्षा को लेकर खतरा है।
सूत्रों के अनुसार, खिलाड़ियों ने एक बैठक के दौरान बोर्ड और सरकार को मनाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास विफल रहा। बैठक का अंत इस निर्णय के साथ हुआ कि बांग्लादेश T20 विश्व कप में हिस्सा नहीं लेगा। इसका सीधा परिणाम यह हुआ कि देश की टीम को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, BCB को ICC से मिलने वाले वार्षिक राजस्व में करीब 325 करोड़ बांग्लादेशी टका का नुकसान होगा, जो लगभग 27 मिलियन अमेरिकी डॉलर या करीब 247.4 करोड़ रुपये के बराबर है। यह राशि आईसीसी के राजस्व हिस्से से आती है। इसके अलावा, प्रसारण अधिकारों और प्रायोजन से होने वाली आय का नुकसान अलग से होगा। कुल मिलाकर, 2025-26 वित्तीय वर्ष में बीसीबी की आय 60 प्रतिशत या उससे अधिक घट सकती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार और BCB ने खिलाड़ियों को आश्वासन दिया है कि टी20 विश्व कप में हिस्सा न लेने के बावजूद उन्हें उनके मैच शुल्क का भुगतान किया जाएगा। हालांकि, शीर्ष स्तर के वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना खिलाड़ियों के लिए अधूरा रह गया है।
एक BCB अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बोर्ड सरकार के कड़े रुख के सामने असहाय है। उन्होंने कहा, “आज जब खिलाड़ियों की मुलाकात सरकारी सलाहकार आसिफ नजरुल से हुई, तो ज्यादातर बातचीत उन्होंने ही की, बीच-बीच में बुलबुल भाई की टिप्पणियां आती रहीं। खिलाड़ी अधिकांश समय चुप रहे। सीनियर खिलाड़ियों को लगता है कि जब तमीम इकबाल जैसे कद के खिलाड़ी के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो उन्हें इससे भी बड़े विरोध का सामना करना पड़ सकता है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े वित्तीय नुकसान का दीर्घकालिक प्रभाव बांग्लादेश क्रिकेट के लिए विनाशकारी हो सकता है। घरेलू और जमीनी स्तर की कई क्रिकेट गतिविधियां ठप पड़ सकती हैं, जिससे युवा प्रतिभाओं के विकास पर सीधा असर पड़ेगा। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो बांग्लादेश में क्रिकेट की संरचना और भविष्य दोनों पर गहरा आघात लगने की आशंका जताई जा रही है।
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