श्रमिकों के प्रदर्शन में हिंसा का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, घंटों की पूछताछ के बाद कबूला अपराध

श्रमिकों के प्रदर्शन में हिंसा का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, घंटों की पूछताछ के बाद कबूला अपराध

The mastermind of the violence during the Noida workers' protest was arrested and confessed to the crime after hours of questioning.The mastermind of the violence during the Noida workers' protest was arrested and confessed to the crime after hours of questioning.

श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में एक अहम प्रगति सामने आई है। पुलिस ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड आदित्य आनंद उर्फ रस्ती को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों के भीतर पूछताछ में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने आरोपी को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आदित्य आनंद पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से गैर-जमानती वारंट जारी था और उसे पकड़ने के लिए कई राज्यों में छापेमारी की गई थी। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की साजिश में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

पुलिस के मुताबिक, पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद ने कथित तौर पर शांतिपूर्ण विरोध को हिंसक रूप देने की योजना बनाई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने सुनियोजित तरीके से भड़काऊ गतिविधियों का आयोजन किया और पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया।

फेज-2 थाने में उसके खिलाफ पहले ही गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जा चुका है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर मामले के अन्य पहलुओं और संभावित नेटवर्क की जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

इस बीच, हालिया श्रमिक विरोध के बाद नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रम विभाग ने व्यापक कार्रवाई शुरू की है। विभाग ने 43 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए हैं, जबकि गंभीर उल्लंघनों के चलते 10 ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।

अतिरिक्त श्रम आयुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि पहले भी कई ठेकेदारों को चेतावनी दी गई थी, लेकिन सुधार न करने पर अब सख्त कदम उठाए गए हैं। निरीक्षण के दौरान न्यूनतम वेतन न देना, दस्तावेजों की कमी और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन न करना जैसी कई अनियमितताएं सामने आईं।

हाल ही में गौतम बुद्ध नगर के औद्योगिक क्षेत्रों में ठेका श्रमिकों ने वेतन, समय पर भुगतान और सुरक्षित कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन ने श्रम अधिकारों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों को उजागर किया। प्रशासन के अनुसार, श्रम कानूनों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

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