अमेरिकी खुफिया विभाग की रिपोर्ट में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रेड फ्लैग बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ असीम मुनीर के करीबी संबंध अमेरिका के हितों को प्रभावित कर सकते हैं।
बता दें की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पश्चिम एशिया में बैक-चैनल कूटनीति के लिए पाकिस्तान पर काफी हद तक निर्भरता बनाए हुए है। इस निर्भरता को बनाने से पहले ट्रंप सार्वजनिक रूप से जनरल मुनीर की प्रशंसा करते रहे हैं और उन्हें अपना सार्वजनिक मंच से उन्हें ‘पसंदीदा’ फील्ड मार्शल तक बता चुके हैं।
फॉक्स न्यूज द्वारा साझा की गई इस रिपोर्ट के अनुसार, जनरल मुनीर के ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ लंबे समय से संबंध रहे हैं। इनमें कुद्स फोर्स के दिवंगत कमांडर कासिम सुलेमानी और मौजूदा IRGC प्रमुख हुसैन सलामी जैसे नाम शामिल हैं। रिपोर्ट में इन संबंधों को असहज रूप से करीब बताया गया है।
अमेरिकी खुफिया समुदाय और सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच मुनीर की भूमिका को लेकर चिंता जताई जा रही है। एक ओर उन्हें वॉशिंगटन और तेहरान के बीच संवाद स्थापित करने और 8 अप्रैल के संघर्षविराम में योगदान देने का श्रेय दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके ईरान से संबंधों को लेकर संदेह भी व्यक्त किया जा रहा है।
फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज (FDD) के बिल रोगियो ने कहा, “ट्रंप को पाकिस्तानियों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। पाकिस्तान अफ़गानिस्तान में एक धोखेबाज़ ‘साथी’ था, जो तालिबान का साथ देता था और हमारा दोस्त होने का दिखावा करता था। मुनीर के IRGC से रिश्ते ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के लिए एक बड़ा रेड फ़्लैग होना चाहिए।”
विशेषज्ञों का मानना है कि मुनीर अपने संबंधों का इस्तेमाल कर अमेरिका और ईरान के बीच संतुलन साधने के साथ-साथ पाकिस्तान की भूमिका को क्षेत्रीय कूटनीति में और मजबूत करने की कोशिश कर सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के कारण अमेरिकी प्रशासन और पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व के बीच संबंध हाल के समय में मजबूत हुए हैं। मई 2025 के भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान ट्रंप ने मुनीर की भूमिका को सराहा था, जिसके बाद पाकिस्तान ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित भी किया। बताया जाता है कि मुनीर पारंपरिक कूटनीतिक माध्यमों को दरकिनार करते हुए सीधे ट्रंप और उनके करीबी सहयोगियों, जैसे जारेड कुशनर, से संपर्क बनाए हुए हैं।
शनिवार को जनरल मुनीर ने तेहरान का तीन दिवसीय दौरा पूरा किया, जहां उन्हें सैन्य सम्मान दिया गया और उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन तथा IRGC नेतृत्व के साथ बैठकें कीं। हालांकि पाकिस्तान की सेना ने इस दौरे को “क्षेत्रीय शांति” के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया, लेकिन हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर IRGC द्वारा नियंत्रण कड़ा किए जाने के तुरंत बाद मुनीर का सन्मान अमेरिकी नागरिकों के मन में सवाल खड़े कर रहा है।
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