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Tuesday, March 17, 2026
होमन्यूज़ अपडेट30 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचे दो बड़े जहाज

30 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचे दो बड़े जहाज

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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री व्यापार में बाधाओं के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। सऊदी अरब और इराक से कच्चा तेल लेकर आने वाले दो बड़े तेल टैंकर खतरनाक माने जा रहे होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार कर भारत पहुंच गए हैं। इन टैंकर्स के जरिए लगभग 30 लाख बैरल कच्चा तेल देश तक पहुंचा है।

रिपोर्ट के अनुसार, लाइबेरिया के झंडे वाला तेल टैंकर ‘शेनलोंग’ 12 मार्च को मुंबई बंदरगाह पहुंचा। यह जहाज करीब 10 लाख बैरल सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर आया है। शेनलोंग सुएजमैक्स श्रेणी का टैंकर है और यह 3 मार्च को सऊदी अरब के रस तनुरा बंदरगाह से रवाना हुआ था। मुंबई के आसपास भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की प्रमुख रिफाइनरियां स्थित हैं, जहां इस तेल को प्रसंस्कृत किया जा सकता है।

इसके अलावा इराक से लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर एक बहुत बड़ा क्रूड कैरियर (VLCC) भी मुंबई पहुंचा है। यह भारतीय ध्वज वाला टैंकर फिलहाल ओडिशा के पारादीप बंदरगाह की ओर जा रहा है, जहां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की बड़ी रिफाइनरी स्थित है। सुरक्षा कारणों से अधिकारियों ने इस दूसरे टैंकर का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुए संकट के बाद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी।

बताया जा रहा है कि पिछले पांच से छह दिनों के दौरान इन दोनों टैंकरों ने इस महत्वपूर्ण मार्ग को पार किया। संकट शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब गैर-ईरानी कच्चा तेल लेकर आने वाले टैंकर इस जलडमरूमध्य से गुजरकर आगे बढ़ पाए हैं।

इस घटनाक्रम से उम्मीद जगी है कि फारस की खाड़ी में फंसी भारत की अन्य ऊर्जा आपूर्ति भी जल्द देश तक पहुंच सकती है। रिपोर्टों के अनुसार फिलहाल ईरान केवल चीन की ओर जा रहे अपने तेल टैंकरों को ही इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दे रहा था।

इसी बीच भारत सरकार ईरान के साथ बातचीत कर रही है ताकि भारत के लिए आने वाले जहाजों खासतौर पर कच्चे तेल और एलपीजी टैंकरों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। भारत के जहाजरानी मंत्रालय के अनुसार फारस की खाड़ी में इस समय भारतीय ध्वज वाले 28 जहाज संचालित हो रहे हैं। इनमें से चार जहाज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में हैं जिन पर 101 भारतीय नाविक सवार हैं, जबकि 24 जहाज पश्चिमी हिस्से में हैं जिन पर 677 भारतीय नाविक मौजूद हैं। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग की एक रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से सात जहाज हाल के दिनों में जलडमरूमध्य पार कर अरब सागर में प्रवेश कर चुके हैं।

 

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