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Thursday, October 8, 2026
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मानव तस्करी पर कड़ा प्रहार: 8 बांग्लादेशी नागरिकों सहित 9 को उम्रकैद

NIA कोर्ट ने लगाया जुर्माना

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी कि NIA को 7 साल पुराने मानव तस्करी के एक मामले में बड़ी सफलता मिली है। हैदराबाद की विशेष NIA अदालत ने मानव तस्करी गिरोह से जुड़े 9 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इनमें 8 बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। अदालत ने 17 सितंबर को यह फैसला सुनाया। अदालत ने सभी दोषियों पर कुल 1.37 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषियों को 3 महीने और जेल में रहना होगा।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला साल 2019 का है। जांच में सामने आया कि एक मानव तस्करी नेटवर्क बांग्लादेशी महिलाओं को अच्छी नौकरी और ज्यादा तनख्वाह का लालच देकर भारत लाता था। भारत लाने के बाद इन महिलाओं को जबरन देह व्यापार में धकेल दिया जाता था। मामले की शुरुआत सितंबर 2019 में हुई, जब तेलंगाना पुलिस ने हैदराबाद के पहाड़ी शरीफ थाने में केस दर्ज किया। पुलिस ने एक ऑपरेशन के दौरान जलपल्ली गांव में चल रहे एक वेश्यालय से 3 बांग्लादेशी महिलाओं को बचाया। इसके अलावा हैदराबाद के बालापुर स्थित महिमूद कॉलोनी में एक घर से एक और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

NIA ने कब संभाली जांच?

तेलंगाना पुलिस की कार्रवाई के बाद NIA ने 12 अक्टूबर 2019 को मामले की जांच अपने हाथ में ली। एजेंसी ने केस को दोबारा दर्ज करते हुए इसे RC-03/2019/NIA/HYD नंबर दिया। जांच के दौरान NIA को आरोपियों के मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने के सबूत मिले। इसके बाद एजेंसी ने 17 अक्टूबर 2020 को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। NIA की जांच के दौरान आरोपियों को 2019 और 2020 में पश्चिम बंगाल और तेलंगाना समेत अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया। इस मामले में कुल 9 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया। इनमें शामिल हैं:

रुहुल अमीन धाली
मोहम्मद यूसुफ खान उर्फ मोहम्मद इमरान
बिथी बेगम उर्फ खादिजा शेख
इमामुल गाजी उर्फ मोहम्मद राणा हुसैन
मोहम्मद अल मामून
सोजिब शेख
सुरेश कुमार दास उर्फ सागर
मोहम्मद अब्दुल्ला मुंशी उर्फ अब्दुल सरकार
मोहम्मद अयूब शेख

इन सभी पर भारतीय दंड संहिता (IPC), विदेशी अधिनियम 1946 और अनैतिक देह व्यापार (रोकथाम) अधिनियम 1956 की अलग-अलग धाराओं के तहत मुकदमा चलाया गया।

NIA की जांच के मुताबिक, गिरोह का तरीका महिलाओं को नौकरी और बेहतर कमाई का भरोसा देकर भारत लाना था। इसके बाद उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ देह व्यापार में धकेल दिया जाता था। सितंबर 2019 में हुई कार्रवाई के दौरान 4 महिलाओं का बचाया जाना इसी नेटवर्क की जांच का अहम हिस्सा बना। बाद में NIA ने पूरे नेटवर्क की जांच की और आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। बता दें कि एक अन्य खबर में हाल ही में जहांगीरपुरी में दिल्ली पुलिस ने 4 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था।

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