एनकाउंटर: आगरा में सर्राफ हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने लगाया ठिकाने!

अमन और फारुख ने बालाजी ज्वैलर्स में घुसकर करीब 20 लाख रुपये के आभूषण और नकदी लूट ली थी। शोरूम के मालिक योगेश उर्फ योगेन्द्र को लूट के बाद गोली मार दी गई थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। यह वारदात सीसीटीवी में भी कैद हो गई थी।

एनकाउंटर: आगरा में सर्राफ हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने लगाया ठिकाने!

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उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में दिनदहाड़े हुए ज्वैलर लूट और हत्या कांड के बाद उठे जन आक्रोश और व्यापारियों के 72 घंटे के अल्टीमेटम के बीच पुलिस ने 96 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मंगलवार (6 मई) तड़के सिकंदरा इलाके में हुई इस सशस्त्र मुठभेड़ में बालाजी ज्वैलर्स के मालिक योगेश चौधरी की हत्या के आरोपी अमन को पुलिस ने गोली ढेर किया। उसे घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बीते शुक्रवार को कारगिल चौराहे के पास स्थित बालाजी ज्वैलर्स शोरूम में लूट के दौरान योगेश चौधरी की हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद शहर में तनाव फैल गया था। व्यापारियों ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी और पुलिस प्रशासन को सोमवार शाम तक का वक्त दिया। इस अल्टीमेटम के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती करते हुए आरोपी की तलाश तेज कर दी।

जानकारी के अनुसार, अमन सिकंदरा के अंसल एपीआई परिसर में निर्माणाधीन एक फ्लैट में छिपा था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली तो मौके पर घेराबंदी की गई। खुद को घिरता देख अमन ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अमन को गोली लगी और उसे पकड़कर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से अमन के भाई सुमित को भी गिरफ्तार किया है, जिसने वारदात के दौरान अपने साथियों को बाइक मुहैया कराई थी। तीसरा आरोपी फारुख अब भी फरार है और उसकी तलाश में टीमें जुटी हैं।

चार दिन पहले अमन और फारुख ने बालाजी ज्वैलर्स में घुसकर करीब 20 लाख रुपये के आभूषण और नकदी लूट ली थी। शोरूम के मालिक योगेश उर्फ योगेन्द्र को लूट के बाद गोली मार दी गई थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। यह वारदात सीसीटीवी में भी कैद हो गई थी।

इस त्वरित कार्रवाई से जहां पुलिस प्रशासन ने अपनी सतर्कता का प्रदर्शन किया है, वहीं व्यापारियों की सामूहिक चेतना और दबाव को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता। अगर जनता की आवाज पर सिस्टम तेजी से हरकत में आता है, तो यह कानून व्यवस्था में नई ऊर्जा का संकेत है।

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