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अल फ़लाह यूनिवर्सिटी से पढ़ चूका है इंडियन मुजाहिद्दीन का कुख्यात आतंकी मिर्ज़ा शादाब बेग !

2007 के गोरखपुर ब्लास्ट, 2008 के जयपुर सीरियल ब्लास्ट और अहमदाबाद विस्फोटों में अहम भूमिका निभा चुका है इंडियन मुजाहिद्दीन का आतंकी।

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फरीदाबाद स्थित अल फ़लाह यूनिवर्सिटी से भारत में पल चुके कुख्यात आतंकियों में से एक मिर्जा शादाब बेग के तार भी जुड़ने से सनसन मची हुई है। दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके में नाम सामने आने के बाद अब संस्थान के पुराने रिकॉर्ड खंगालने पर उसके तार गोरखपुर, जयपुर और अहमदाबाद जैसे बड़े आतंकी हमलों से भी जुड़ते दिख रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार विश्वविद्यालय में पहले भी ऐसे लोग पढ़ चुके हैं जिनका संबंध आतंकी संगठनों से रहा है।

उमर मोहम्मद उर्फ उमर नबी के 10 नवंबर को लाल किले के पास धमाके के बाद सभी नजरे अल फलाह यूनिवर्सिटी पर गढ़ी है, लेकिन उमर नबी या मुजामिल गनी कोई पहले ऐसा तार नहीं है जिसका नाम आतंक मामलों में सामने आया है। इससे पहले इंडियन मुजाहिदीन (IM) का सक्रिय आतंकी मिर्ज़ा शादाब बैग भी इसी विश्वविद्यालय का छात्र रह चुका है।

उत्तर प्रदेश का आज़मगढ़ निवासी बैग ने 2007 में अल फलाह यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रुमेंटेशन इंजीनियरिंग में बी.टेक पूरा किया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि पढ़ाई के दौरान ही वह आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया। वह 2007 के गोरखपुर ब्लास्ट, 2008 के जयपुर सीरियल ब्लास्ट और अहमदाबाद विस्फोटों में अहम भूमिका निभा चुका है।

बैग कर्नाटक के उडुपी भी गया था जहां से उसने जयपुर ब्लास्ट के लिए बड़े पैमाने पर डेटोनेटर और बियरिंग्स इकट्ठा कर रियाज भटकल और यासीन भटकल तक पहुंचाए। तकनीकी शिक्षा होने के कारण वह विस्फोटक बनाने में माहिर था और अहमदाबाद ब्लास्ट से पहले उसने पूरी रैकी की तथा अन्य सदस्यों को ट्रेनिंग भी दी। पुलिस के अनुसार बैग पहले अफगानिस्तान में देखा गया था और 2019 के बाद से लापता है। उसके सिर पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित है।

मई 2007 में गोरखपुर में साइकिलों पर रखे टिफिन बमों में धमाके हुए, जिनमें छह लोग घायल हुए। इसके अगले वर्ष 13 मई को जयपुर में नौ समन्वित विस्फोट हुए, जिनमें 60 से अधिक लोग मारे गए। जुलाई 2008 में अहमदाबाद में 70 मिनट के भीतर लगभग 20 बम धमाकों में 50 से अधिक लोगों की जान गई। दोनों राज्यों की पुलिस ने इन हमलों के पीछे इंडियन मुजाहिद्दीन और प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) के कट्टरपंथी गुटों की भूमिका बताई थी।

UGC और NAAC की रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद विश्वविद्यालय के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के दो FIR दर्ज की गई हैं। शनिवार को पुलिस टीम ने ओखला स्थित कार्यालय से उन छात्रों और कर्मचारियों का विवरण मांगा जिनकी जांच चल रही है।

10 नवंबर को उमर मोहम्मद द्वारा चलाई जा रही सफेद i20 कार लाल किला पार्किंग में तेज धमाके के साथ फट गई थी। विस्फोट में 14 लोगों को की मौत हुई, 20 लोग घायल हुए और कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए।

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