आसाम के नलबाड़ी जिले के मुकलमुआ में सोमवार (1 जून)को पुलिस ने एक बड़े एनकाउंटर में मुख्य आरोपी रोज अली उर्फ आसिफ खान को ढेर कर दिया। रोज अली 19 वर्षीय हिंदू युवक मधुरज्या बर्मन की बेरहमी से हत्या करने और उसकी 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली 18 वर्षीय चचेरी बहन मृदुमुद्रा डेका पर जानलेवा हमला करने का आरोपी था। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की और पुलिस की सर्विस गन छीनकर फायरिंग कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।
यह जघन्य वारदात उस समय हुई जब मधुरज्या बर्मन और मृदुमुद्रा डेका नलबाड़ी शहर से किताबें खरीदकर स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे। मुकलमुआ के गंगापुर के पास रोज अली और उसके एक अन्य साथी आशिक अली ने उन्हें रास्ते में रोका। रोज अली काफी समय से मृदुमुद्रा पर शादी का दबाव बना रहा था, जिसे उसने पूरी तरह खारिज कर दिया था। इसी बात की खुन्नस में रोज अली ने दोनों भाई-बहनों पर हंसियेसे ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल मधुरज्या बर्मन को नलबाड़ी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जख्मों के ताव न सहते हुए उसने दम तोड़ दिया। वहीं मृदुमुद्रा डेका को अत्यंत नाजुक हालत में गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (GMCH) रेफर किया गया, जहां वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।
जीएमचीएच के अधीक्षक ने पीड़िता की स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया,“मरीज़ को चाकू से कई चोटें आईं, जिसमें सिर, जबड़े, दाहिने हाथ, पीठ और कंधे की हड्डी वाले हिस्से पर घाव शामिल हैं। वह अभी ICU में है, जहाँ उसके ज़रूरी टेस्ट हो रहे हैं। उसकी हालत गंभीर है, और वह सदमे में है।”
मृदुमुद्रा के परिवार ने खुलासा किया है कि आरोपी रोज अली लंबे समय से उनकी बेटी को प्रताड़ित कर रहा था। पीड़िता की मां ने इस खौफनाक अनुभव को साझा करते हुए स्पष्ट कहा, “रोज़ अली काफी समय से मेरी बेटी और मुझे परेशान कर रहा है, खासकर तब से जब मेरी बेटी ने उसका प्रपोज़ल मना कर दिया। उसने मुझे धमकी भी दी थी कि अगर मेरी बेटी उसके साथ रिलेशनशिप में नहीं आई तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।”
हत्या की वारदात के बाद से ही आरोपी मुकलमुआ के एक चौर (नदी के बीच का टापू) में छिपा हुआ था। नलबाड़ी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बिबेकानन्द दास ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के बाद वह पुलिस टीम को उस स्थान पर ले गया जहां उसने मर्डर वेपन छिपाया था। लेकिन वहां पहुंचते ही उसने अचानक पुलिसकर्मी की सर्विस गन छीन ली और भागने की कोशिश करने लगा।
एसएसपी दास ने मीडिया को बताया, “आज के समय में ऐसे क्रिमिनल बहुत कम मिलते हैं। उसने हमारी सर्विस गन छीन ली थी और हमारी टीम पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की थी।”
पुलिस के अनुसार, रोज अली ने पुलिस टीम पर लगभग चार राउंड गोलियां चलाईं। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें रोज अली के सीने में गोली लगी। उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे असम में उबाल है। मृतक मधुरज्या बर्मन ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) का सक्रिय सदस्य था, जिसके कारण संगठन के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने न्याय की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
इसके साथ ही विश्व हिंदू परिषद (VHP), बजरंग दल और हिंदू सुरक्षा सेना जैसे संगठनों ने राज्य में बढ़ते इस तरह के अपराधों के खिलाफ रैलियां निकालीं और कुमारीकाटा रोड को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि बहुसंख्यक समाज की बेटियों को निशाना बनाने वाले तत्वों के खिलाफ अब बर्दाश्त की सीमा पार हो चुकी है।
इस पूरे घटनाक्रम और जन-आक्रोश के बीच नलबाड़ी के स्थानीय विधायक जयंत मल्ला बरुआ ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और सरकार की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने इस मामले को सीधे तौर पर ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए कहा, “लव जिहाद असम में तेज़ी से एक गंभीर सामाजिक चिंता के तौर पर उभर रहा है। हम सभी को सतर्क रहना चाहिए और यह पक्का करना चाहिए कि ऐसी घटनाओं के खिलाफ़ सबसे सख्त कार्रवाई की जाए। नलबाड़ी के गंगापुर में हुई दुखद घटना ने हम सभी को हैरान और परेशान कर दिया है। पुलिस प्रशासन तेज़ी से काम कर रहा है, और हमें भरोसा है कि असम पुलिस ज़रूरी कार्रवाई करेगी।”
विधायक बरुआ ने आगे कहा, “मैं मृतक के पिता और भाई से मिला और उन्हें सरकार के पूरे सपोर्ट का भरोसा दिलाया। पुलिस पूरी जांच कर रही है और यह भी देख रही है कि क्या आरोपी का कोई साथी था।”
पुलिस अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि इस पूरी साजिश और हमले में रोज अली के साथ शामिल आशिक अली के अलावा क्या किसी और बाहरी तत्व या संगठन का भी हाथ था। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
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