मुंबई सेशन कोर्ट ने एंटीलिया विस्फोटक और मनसुख हिरेन मर्डर केस में आरोपी पूर्व पुलिस ऑफिसर सचिन वाजे को ज़मानत दे दी है। वाजे को करीब साढ़े पांच साल जेल में बिताने के बाद ज़मानत मिली है। हालांकि, कोर्ट ने उन पर कई सख्त पाबंदियां लगाई हैं। हालांकि, क्योंकि सचिन वाजे दूसरे केस में भी आरोपी हैं, इसलिए कहा जा रहा है कि उनके अभी जेल से बाहर आने की उम्मीद कम है।
सचिन वाजे को 1 लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड और इतनी ही रकम के लोकल श्योरिटी पर ज़मानत दी गई है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगर उनके पास पासपोर्ट है, तो वह उसे नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के पास जमा करें। सचिन वाजे पर मुंबई, नवी मुंबई, रायगढ़, ठाणे और पालघर के पांच जिलों में तब तक घुसने या रहने पर रोक लगा दी गई है, जब तक कि ज़रूरी गवाहों के बयान दर्ज नहीं हो जाते। हालांकि, उन्हें कोर्ट के काम से इन जिलों में आने की इजाज़त दी गई है। साथ ही, वाजे को सात दिनों के अंदर NIA को अपना अभी का घर का पता देने का निर्देश दिया गया है। हर रविवार दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच लोकल पुलिस स्टेशन में पेश होना भी ज़रूरी कर दिया गया है।
ज़मानत देते हुए कोर्ट ने सचिन वाज़े को ज़रूरी गवाहों से संपर्क न करने और मामले में सबूतों के साथ किसी भी तरह से छेड़छाड़ न करने का निर्देश दिया है। उन पर 24 घंटे अपने पास एक पूरी तरह चार्ज मोबाइल फ़ोन रखने की भी शर्त लगाई गई है। NIA ज़रूरत पड़ने पर उनसे संपर्क कर सकेगी और वीडियो कॉल के ज़रिए उनकी मौजूदगी की जांच कर सकेगी।
एंटीलिया विस्फोटक और मनसुख हिरेन मर्डर केस में, एक स्पेशल NIA कोर्ट ने 1 अगस्त, 2026 को सचिन वाज़े समेत 10 आरोपियों के खिलाफ़ आरोप तय किए थे। आरोपियों पर मर्डर, एक्सटॉर्शन, सबूत मिटाने और क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी का आरोप है। आरोपियों ने इन आरोपों से इनकार किया है और केस की आगे की सुनवाई चल रही है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब 2021 में मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास विस्फोटकों से भरी एक स्कॉर्पियो मिली। बाद में, गाड़ी के मालिक मनसुख हिरेन का शव ठाणे में एक नाले में मिला। इन दोनों घटनाओं की जांच NIA को सौंप दी गई।
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