32 C
Mumbai
Sunday, June 7, 2026
होमक्राईमनामाआय से अधिक संपत्ति मामला: सरकारी इंजीनियर के परिवार के लॉकर से...

आय से अधिक संपत्ति मामला: सरकारी इंजीनियर के परिवार के लॉकर से मिले 2 करोड़ रुपये

6 हजार रुपये मासिक वेतन से शुरू हुआ था करियर, कई आलीशान मकान और जमीनें भी जांच के दायरे में

Google News Follow

Related

ओडिशा में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के एक बड़े मामले में सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने शनिवार (6 जून) को व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान सरकारी इंजीनियर बैकुंठनाथ बेहरा और उनके परिवार से जुड़े बैंक लॉकरों से लगभग दो करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। मामले की जांच अभी जारी है और अधिकारियों का मानना है कि आगे और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

बैकुंठनाथ बेहरा कंधमाल जिले के बालीगुडा स्थित एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी (आईटीडीए) में सहायक कार्यपालक अभियंता (एईई) के पद पर कार्यरत हैं। उनके खिलाफ ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

भुवनेश्वर स्थित विशेष सतर्कता न्यायालय से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर विजिलेंस विभाग ने भुवनेश्वर, बालासोर, जाजपुर और बालीगुडा में एक साथ नौ स्थानों पर छापेमारी की। इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक और निरीक्षक स्तर के अधिकारियों की बड़ी टीम शामिल रही।

जांच के दौरान अधिकारियों ने चंद्रशेखरपुर, शैलश्री विहार, कानन विहार, जाजपुर जिले के धर्मशाला क्षेत्र, बारीपदा, बालीगुडा स्थित सरकारी आवास और उनके कार्यालय कक्ष की तलाशी ली।

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने बैकुंठनाथ बेहरा और उनके परिवार से कथित तौर पर जुड़े पांच बहुमंजिला भवनों की पहचान की है। इनमें भुवनेश्वर के नीलाद्री विहार में लगभग 10,500 वर्ग फुट क्षेत्र में फैली चार मंजिला इमारत भी शामिल है। इसके अलावा भुवनेश्वर और जाजपुर जिले में चार अन्य आवासीय संपत्तियां भी सामने आई हैं।

Latest and Breaking News on NDTV

विजिलेंस विभाग ने 13 भूखंडों का भी पता लगाया है। इनमें भुवनेश्वर के प्रमुख इलाकों में स्थित सात प्लॉट और जाजपुर तथा बारीपदा के अन्य भूखंड शामिल हैं।

जांच के दौरान पहले घरों की तलाशी में 2.66 लाख रुपये से अधिक नकद बरामद किए गए थे। इसके बाद परिवार से जुड़े बैंक लॉकरों से करीब दो करोड़ रुपये नकद मिलने से मामले ने नया मोड़ ले लिया।

अधिकारियों द्वारा सोने के आभूषणों, बैंक जमा, डाक बचत योजनाओं, निवेश और अन्य वित्तीय संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। तकनीकी विशेषज्ञ संपत्तियों और जमीनों की मौजूदा बाजार कीमत का भी आकलन कर रहे हैं।

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, बैकुंठनाथ बेहरा ने वर्ष 1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उनका मासिक वेतन लगभग 6,000 रुपये था। विभिन्न जनजातीय विकास परियोजनाओं और इंजीनियरिंग पदों पर काम करने के बाद उन्हें इसी वर्ष सहायक कार्यपालक अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया था।

विजिलेंस विभाग अब यह जांच कर रहा है कि उनके द्वारा अर्जित की गई कथित संपत्तियां उनकी वैध आय के अनुरूप हैं या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस पूरे मामले में संपत्तियों का वास्तविक मूल्य स्पष्ट हो सकेगा।

यह भी पढ़ें:

अभिषेक बनर्जी के करीबी कैलाश मिश्रा गिरफ्तार

661 करोड़ रुपये के कथित लोन फ्रॉड मामले में CBI की कई शहरों में छापेमारी

मालवीय नगर अग्निकांड के बाद MCD का सख्त एक्शन, 94 इमारतें ढहाईं और 114 संपत्तियां सील

TMC विधायक मदन मित्रा पर बरसा जनाक्रोश, काफिले पर फेंके गए अंडे

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,460फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
311,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें