1000 से अधिक कारें चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़; सरकारी कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड

Gang that stole over 1,000 cars busted; mastermind turns out to be a government employee

राजधानी में वाहन चोरी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 1000 से अधिक गाड़ियां चुराने और बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह का संचालन बेहद संगठित तरीके से किया जा रहा था, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञों और सरकारी सिस्टम की खामियों का इस्तेमाल किया जाता था।

पुलिस के अनुसार, इस मामले की जांच पिछले साल 5 अगस्त को पीतमपुरा इलाके से चोरी हुई एक हुंडई क्रेटा से शुरू हुई। जांच आगे बढ़ने पर यह नेटवर्क दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तक फैला हुआ पाया गया। पुलिस ने गिरोह के सरगना दमनदीप सिंह उर्फ लकी समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद सुनियोजित थी। सबसे पहले सदस्य लग्जरी गाड़ियों की चोरी करते थे, फिर विशेषज्ञों की मदद से गाड़ियों के चेसिस नंबर और पहचान बदल दी जाती थी। इसके बाद फर्जी दस्तावेज और बैंक की नकली एनओसी तैयार कर गाड़ियों को वैध दिखाया जाता था।

जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क में हिमाचल प्रदेश का एक सरकारी कर्मचारी सुभाष चंद भी शामिल था। उसने VAHAN पोर्टल का दुरुपयोग करते हुए फर्जी ओटीपी और लॉगिन के जरिए 350 से अधिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कर दिया। इस वजह से खरीदारों को यह पता ही नहीं चलता था कि वे चोरी की गाड़ी खरीद रहे हैं।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने टोयोटा फॉर्च्यूनर, टोयोटा इनोवा, महिंद्रा थार, महिंद्रा स्कॉर्पियो और क्रेटा समेत कुल 31 महंगी गाड़ियां बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, इन गाड़ियों का इस्तेमाल ड्रग्स तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में भी किया जा रहा था। गिरोह का संचालन पंजाब से किया जा रहा था, जहां से सरगना पूरे नेटवर्क को फाइनेंस और नियंत्रित करता था। पुलिस अब इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

पुलिस ने आम लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि पुरानी गाड़ी खरीदते समय केवल दस्तावेजों पर भरोसा न करें। वाहन के चेसिस नंबर और रजिस्ट्रेशन की स्वतंत्र जांच जरूर करवाएं, ताकि किसी धोखाधड़ी का शिकार होने से बचा जा सके।

यह भी पढ़ें:

एक साथ सभी के फोन बजे, मोबाइल पर आया अलर्ट! आखिर मामला क्या है?

AAP छोड़कर भाजपा में शामिल हुए संदीप पाठक पर गिरफ्तारी की आशंका

जम्मू-कश्मीर में ड्रग तस्कर की ₹1 करोड़ की अवैध संपत्ति ध्वस्त

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला—सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़ना मौलिक अधिकार नहीं

Exit mobile version