दिल्ली पुलिस ने लाल किला परिसर से चोरी हुए बहुमूल्य सोने के कलश मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। क्राइम ब्रांच ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उत्तर प्रदेश के हापुड़ से आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम भूषण वर्मा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में भूषण वर्मा कलश को झोले में डालकर ले जाता हुआ साफ दिखाई दे रहा था।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि न सिर्फ एक, बल्कि तीन सोने के कलश चोरी हुए थे। पुलिस ने अब तक एक कलश बरामद किया है, जबकि बाकी दो की तलाश में छापेमारी जारी है। अधिकारियों के अनुसार इस वारदात में अन्य आरोपी भी शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें सक्रिय हैं।
खबर है की आरोपी भूषण वर्मा के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी ने जैन समुदाय के धार्मिक अनुष्ठानों में उपयोग होने वाली धोती और चुन्नी पहन रखी थी, लेकीन वह जैन समाज से नहीं है। इस तरह भेष बदलना एक सोची-समझी साजिश थी, ताकि वह आसानी से भीड़ में घुल-मिल सके और किसी को शक न हो।
दरअसल दिल्ली के लाल किला परिसर के 15 अगस्त पार्क में जैन धर्म का एक धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था, जो 9 सितंबर तक जारी रहेगा। इसी आयोजन में विश्व शांति के लिए स्थापित सोने का कलश रखा गया था। कारोबारी सुधीर जैन प्रतिदिन इस कलश को पूजा स्थल पर लाते थे। बीते मंगलवार (2 सितंबर) को जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कार्यक्रम में पहुंचे थे, तभी स्वागत समारोह की भीड़ और अफरातफरी के बीच कलश चोरी हो गया।
पुलिस के मुताबिक चोरी हुआ कलश पूरी तरह सोने से बना था, जिसका वजन लगभग 760 ग्राम है। उस पर 150 ग्राम हीरे, माणिक्य और पन्ने जड़े हुए हैं। अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जांच में पता चला है कि भूषण वर्मा कई दिनों से धोती-कुर्ता पहनकर अनुष्ठान स्थल के आसपास मंडरा रहा था। वह धीरे-धीरे लोगों के बीच घुलमिल गया था, इसलिए किसी को शक भी नहीं हुआ। ओम बिरला के कार्यक्रम से निकलने के बाद उसने मौके का फायदा उठाया और कलश को झोले में डालकर बाहर निकल गया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और बाकी दो कलशों की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है। मामला सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह भी पढ़ें:
ऐसे बनाकर देखिए बेसन-सूजी पैनकेक: स्वाद और सेहत का अनोखा संगम!
सीजीटीएन सर्वे: युद्ध की मनमानी से अमेरिका की छवि को नुकसान!



