बिहार के सुपौल जिले में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक सरकारी स्कूल में पाकिस्तान निर्माता मुहम्मद अली जिन्ना के नारे से हंगामा खड़ा हुआ। सुपौल जिले के किशनपुर प्रखंड अंतर्गत मॉडल अपग्रेडेड मिडिल स्कूल में कार्यरत सहायक शिक्षक मंसूर आलम को पाकिस्तान के मोहम्मद अली जिन्ना के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
जब स्कूल परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद जैसे ही राष्ट्रगान खत्म हुआ, मंसूर आलम ने अचानक “मोहम्मद जिन्ना अमर रहें” के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस अप्रत्याशित हरकत से वहां मौजूद अन्य शिक्षक, छात्र और स्थानीय लोग स्तब्ध रह गए। बताया गया कि राष्ट्रगान का पाठ कर रहे कुछ छात्रों ने भी शिक्षक का अनुसरण करते हुए वही नारे दोहराए, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
स्कूल परिसर में मौजूद लोगों ने इसे भारतीय संविधान और राष्ट्रगान का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। आक्रोशित ग्रामीणों और अभिभावकों ने मंसूर आलम के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। हालात बिगड़ते देख स्कूल के प्रधानाध्यापक धनंजय तिवारी ने पुलिस को सूचना दी।
इस बीच, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग स्कूल परिसर के बाहर जुटने लगे। प्रदर्शनकारी आरोपी शिक्षक को उनके हवाले करने की मांग करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए थाना प्रभारी ज्ञान रंजन कुमार के नेतृत्व में पुलिस दल मौके पर पहुंचा और भीड़ को शांत कराया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हालात पर काबू पाया जा सका।
सुपौल: गणतंत्र दिवस पर सरकारी स्कूल में आपत्तिजनक नारे लगाने का आरोप। किशनपुर के एक विद्यालय में शिक्षक मंसूर आलम पर “जिन्ना अमर रहे” जैसे नारे लगाने का आरोप लगा है। प्रधानाध्यापक की शिकायत पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और कानूनी कार्रवाई… pic.twitter.com/qwfkKNpIkJ
— FirstBiharJharkhand (@firstbiharnews) January 26, 2026
पुलिस सुरक्षा में मंसूर आलम को थाने ले जाया गया, जहां प्रधानाध्यापक के बयान के आधार पर उनके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज की गई। इसके बाद उन्हें पुलिस हिरासत में लेकर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पूछताछ की गई।
जांच के दौरान छात्रों ने पुलिस को बताया कि मंसूर आलम पहले भी पाकिस्तान को “जन्नत” बताते रहे हैं और कुछ बच्चों को प्रभावित करने की कोशिश करते थे। एक शिक्षक ने बताया, “पुलिस ने छात्रों के बयान दर्ज कर लिए हैं और उनके पूर्व रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।”
एक जांच अधिकारी ने कहा कि यह आशंका है कि मंसूर आलम ने पहले भी कुछ “असामाजिक तत्वों” के प्रभाव में बच्चों को प्रभावित कर कट्टरता की ओर धकेलने की कोशिश की हो। अधिकारी ने बताया कि उनके सभी पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी शिक्षक को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।
यह मामला शिक्षा व्यवस्था में जिम्मेदारी और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। यह देश की शिक्षा नीतियों पर भी सवाल खड़े करता है कि कहीं देशभर में बच्चों को कोई पाकिस्तान परस्त शिक्षक से मार्गदर्शन तो नहीं प्राप्त हो रहा?
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