मीरा-रोड में पहलगाम की तरह दो सुरक्षा गार्ड्स पर आतंकी हमला; धर्म पूछकर चाकू घोंपा

मीरा-रोड में पहलगाम की तरह दो सुरक्षा गार्ड्स पर आतंकी हमला; धर्म पूछकर चाकू घोंपा

In a Pahalgam-style attack, two security guards were stabbed by terrorists in Mira Road after being asked about their religion.

चार दिन पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों को धर्म पूछकर मारा गया था। उस हमले में 26 हिंदुओ को गैर-मुस्लिम पुरुष होने के कारण पाकिस्तानी आतंकियों ने बर्बतापूर्ण तरीके से गोलियों से भून दिया था। ऐसा ही हमला मुंबई के मीरा-रोड क्षेत्र में हुआ है।  मुंबई महानगर क्षेत्र के मीरा रोड इलाके में सोमवार (28 अप्रैल) तड़के हुए आतंकी द्वारा चाकूबाजी की गई जिससे शहर में सनसनी फैली हुई है। महाराष्ट्र एंटी-टेररिज़्म स्क्वॉड (ATS) ने इस केस की जांच अपने हाथ में ले ली है, जब आरोपी के घर से कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़े नोट्स और उग्र सामग्री बरामद होने की बात सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अब संभावित “लोन वुल्फ” आतंकी हमले के एंगल से की जा रही है।

आरोपी गिरफ्तार, 4 मई तक पुलिस हिरासत

पुलिस ने आरोपी की पहचान जैब जुबैर अंसारी (31) के रूप में की है, जिसे घटना के कुछ ही घंटों के भीतर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नयागांव (नया नगर) पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को ठाणे की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 4 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, यह घटना सुबह करीब 4 बजे मीरा रोड ईस्ट के नया नगर स्थित अस्मिता ग्रैंड मैन्शन के पास हुई। उस समय दो सुरक्षा गार्ड राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन ड्यूटी पर तैनात थे। आरोपी पहले वहां आया और पास की मस्जिद का रास्ता पूछा। कुछ देर बाद वह वापस लौटा और एक गार्ड से उसका धर्म पूछा।

FIR के अनुसार, आरोपी ने गार्ड पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, फिर वह सुरक्षा केबिन में पहुंचा, जहां दूसरे गार्ड मिश्रा मौजूद थे। आरोपी ने उनसे ‘कलमा’ पढ़ने को कहा और जब वे ऐसा नहीं कर सके, तो उन पर भी हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।

घायल गार्डों की हालत स्थिर

दोनों घायल गार्डों को तत्काल पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है।

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के घर की तलाशी के दौरान इस्लामी आतंकी संघटन ISIS के हस्तलिखित नोट्स बरामद हुए हैं। एक नोट में आरोपी द्वारा लिखा गया है, उसने आतंकी संगठन में शामिल होने की इच्छा जताई और इस हमले को उस दिशा में पहला कदम बताया।

अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आरोपी के ऑनलाइन कट्टरपंथीकरण (radicalisation) की आशंका है। बताया जा रहा है कि वह इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए उग्र विचारधारा से जुड़े वीडियो, साहित्य और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग के संपर्क में आया हो सकता है।

जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, ब्राउज़िंग हिस्ट्री और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने यह हमला अकेले किया या उसे किसी तरह का बाहरी मार्गदर्शन मिला था।

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, आरोपी विज्ञान स्नातक है और कुछ वर्षों तक अमेरिका में रहा था, जहां उसका परिवार अभी भी रहता है। नौकरी न मिलने के कारण वह भारत लौट आया था और मीरा रोड में अकेले रहकर ऑनलाइन केमिस्ट्री कोचिंग देता था तथा नौकरी की तलाश में था। ATS और अन्य एजेंसियां इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के संभावित आतंकी लिंक, उसकी मानसिक स्थिति और किसी भी बाहरी संपर्क की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।

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