पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी पार्टी की ओर से हिंसा की एक ओर गंभीर घटना सामने आई है। उत्तर 24 परगना जिले के भाटपाड़ा इलाके में भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह के आवास के पास कथित तौर पर देसी बम फेंके गए और गोलियां चलाई गईं, जिसमें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का एक जवान घायल हुआ है। पुलिस ने इस मामले में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
चार आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कौशिक दास, सिकंदर प्रसाद, गोपाल राउत और श्यामदेव शॉ के रूप में हुई है। ये गिरफ्तारी बैरकपुर डीसीपी के साथ संयुक्त रूप से चलाए गए छापों के दौरान की गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में कुल 15 आरोपियों की पहचान की गई है, जिनमें से कई अभी फरार हैं। फरार आरोपियों में फिरोज, मुंजल राजक और अन्य शामिल बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हिंसा की शुरुआत जगदल क्षेत्र में उस समय हुई जब एक उम्मीदवार शिकायत दर्ज कराने के लिए जगदल थाने पहुंचे। पुलिस का कहना है कि वहां करीब 200 लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और हंगामा शुरू हो गया। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से हालात काबू में आए और दोनों पक्ष वहां से चले गए।
भाटपाड़ा में हिंसा, CISF जवान घायल
इसके बाद भाटपाड़ा में पवन सिंह के घर के पास हिंसा भड़काई गई। भीड़ ने कथित तौर पर देसी बम फेंके और फायरिंग की। इस दौरान उनकी सुरक्षा में तैनात CISF जवान योगेश शर्मा गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें पैर में गोली लगी और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन से कहा गया है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच कर शीघ्र जानकारी दी जाए।
घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। TMC के एक स्थानीय कार्यकर्ता ने उलटा आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं पर पहले हमला हुआ, जब वे शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे थे। वहीं भाजपा ने दावा किया कि उनके उम्मीदवार और समर्थकों को निशाना बनाते हुए टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हमला किया है, जिसमें CISF जवान घायल हुआ।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है। इस घटना ने चुनावी सुरक्षा को लेकर चिंताओं को बढ़ा दिया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है, जबकि इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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