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Friday, January 23, 2026
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जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, दो आतंकवादी ढेर

गुरेज सेक्टर की यह कार्रवाई सुरक्षा बलों की सतर्कता और मजबूत खुफिया तंत्र का नतीजा है, जिसने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों की एक और बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया।

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जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर एक बार फिर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों की घुसपैठ की साजिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया। गुरुवार को बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में हुई इस कार्रवाई में सेना ने दो आतंकवादियों को मार गिराया। अधिकारियों के अनुसार, नौशहरा नार्द इलाके के पास संदिग्ध गतिविधि दिखने के बाद घुसपैठियों को चुनौती दी गई, जिसके बाद मुठभेड़ हुई और दोनों आतंकवादी मारे गए। इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है ताकि किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी की पुष्टि हो सके।

यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब पिछले कुछ हफ्तों में एलओसी पर घुसपैठ की कोशिशें लगातार बढ़ी हैं। 25 अगस्त को भी बारामूला जिले के उरी सेक्टर में तोरणा इलाके के पास आतंकियों ने भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिश की थी, लेकिन सतर्क सैनिकों ने गोलीबारी कर उस प्रयास को विफल कर दिया। इससे पहले, 13 अगस्त को उरी सेक्टर में हुई मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया था।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान की ओर से आतंकी घुसपैठ के प्रयासों के पीछे मंशा जम्मू-कश्मीर में हिंसा फैलाना और स्थानीय युवाओं को गुमराह करना है। यही कारण है कि सेना और संयुक्त बलों ने न केवल सीमा पर बल्कि अंदरूनी इलाकों में भी आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति अपनाई है।

जम्मू-कश्मीर में संयुक्त बल (आर्मी, पुलिस और सीआरपीएफ) आतंकवाद के खिलाफ व्यापक अभियान चला रहे हैं। इसका मकसद केवल हथियारबंद आतंकियों का सफाया करना नहीं, बल्कि उनके सहयोगियों (ओजीडब्ल्यू) और समर्थकों के नेटवर्क को भी तोड़ना है। सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में कई हवाला रैकेट और ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिनके तार सीमा पार बैठे आतंकी सरगनाओं से जुड़े पाए गए।

इन पैसों का इस्तेमाल आतंकवाद को फंडिंग देने और नए लड़ाकों को तैयार करने में किया जाता है। यही कारण है कि सुरक्षाबल अब हथियारबंद आतंकियों के साथ-साथ हवाला और ड्रग तस्करी रैकेट को भी प्राथमिकता से निशाना बना रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा लगातार सुरक्षा एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। उनका फोकस आतंकवाद के पूरे ढांचे को तोड़ने पर है ताकि न केवल मौजूदा आतंकियों का सफाया किया जा सके, बल्कि उन्हें मिलने वाली वित्तीय और रसद मदद भी पूरी तरह खत्म की जा सके।

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