अभिषेक बनर्जी के करीबी कैलाश मिश्रा गिरफ्तार

रंगदारी और मारपीट के आरोपों में कार्रवाई, पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा भी जमीन घोटाले में गिरफ्तार

अभिषेक बनर्जी के करीबी कैलाश मिश्रा गिरफ्तार

Kailash Mishra, a close associate of Abhishek Banerjee, arrested.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई गुंडों और नेताओं पर कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। शनिवार(6 जून) को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी और हावड़ा सदर तृणमूल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष कैलाश मिश्रा को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया। इसी दिन मेदिनीपुर से टीएमसी के पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा को भी जमीन घोटाले के मामले में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

हावड़ा सिटी पुलिस के अनुसार, कैलाश मिश्रा के खिलाफ जबरन वसूली, मारपीट, सरकारी कामकाज में बाधा डालने और धमकी देने सहित कई गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद से वह फरार चल रहे थे।

कैलाश मिश्रा ने 26वें विधानसभा चुनाव में बाली सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा उम्मीदवार संजय कुमार सिंह से लगभग 12 हजार मतों के अंतर से पराजित हो गए थे। चार मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे।

पुलिस को गुप्त सूचना मिलने के बाद हावड़ा सिटी पुलिस की एक टीम ने बिहार के मधुबनी जिले में उनके एक रिश्तेदार के घर पर छापा मारा, जहां से उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रविवार को उन्हें बिहार की अदालत में पेश किया जाएगा, जिसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर सोमवार को हावड़ा लाया जाएगा।

हावड़ा सदर क्षेत्र में कैलाश मिश्रा को पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता रहा है और उन्हें अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है।

विधानसभा चुनाव के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई टीएमसी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हुई है। अलग-अलग मामलों में धन बरामदगी और रंगदारी के आरोप सामने आने के बाद पुलिस लगातार जांच कर रही है।

इस बीच, मेदिनीपुर से टीएमसी के पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा को भी जमीन घोटाले के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। शालबनी थाना पुलिस के अनुसार, वह कई दिनों से छिपे हुए थे और शनिवार को कथित तौर पर भागने की कोशिश कर रहे थे।

पुलिस उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी और आखिरकार उन्हें खड़गपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, उनसे मामले में आगे पूछताछ की जा रही है।

लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के लिए नई राजनीतिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। विपक्षी दल इन मामलों को लेकर राज्य सरकार और सत्तारूढ़ पार्टी पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि जांच एजेंसियां अपने स्तर पर कार्रवाई जारी रखे हुए हैं।

यह भी पढ़ें:

हर छोटी बात पर आता गुस्सा? ये योगासन देंगे राहत!

सुबह क्यों जरूरी है हेल्दी नाश्ता, थाली में क्या-क्या करें शामिल?

टीबी मरीजों की रिकवरी बढ़ाएंगे ये पौष्टिक आहार, रखें थाली में!

Exit mobile version