लालबागचा राजा के भव्य विसर्जन के बाद दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय मोबाइल चोर रैकेट का पर्दाफाश किया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और नेपाल भेजे जाने वाले 45 उच्च गुणवत्ता वाले मोबाइल फोन बरामद किए है।
विसर्जन के दिन मोबाइल और सोने की चोरी:
6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर मुंबई की सड़कों पर लाखों भक्तों की भीड़ जुटी थी। इस दौरान भीड़ में 100 से अधिक मोबाइल फोन और कई सोने की चैनें चोरी हो गईं। मुंबई पुलिस के अनुसार, स्थानीय थानों में अब तक 100 से अधिक चोरी और चैन-छिनतई की शिकायतें दर्ज हुई हैं।
स्थानीय पुलिस ने अब तक केवल चार मोबाइल और दो सोने की चैनें बरामद की हैं। गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है, और कुल 12 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से चार को विशेष रूप से चैन-छिनतई के मामलों में गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने लंबी विसर्जन प्रक्रिया के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर काम किया और भीड़ में घुलकर वारदात को अंजाम दिया।
AI कैमरों से हुई निगरानी:
इस साल, लालबाग मंडल ने लगभग 260 AI-आधारित कैमरे पंडाल और विसर्जन मार्गों पर लगाए। इन कैमरों से भीड़ का अनुमान, सुरक्षा निगरानी और संदिग्धों की पहचान की गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तकनीक ने करीब 50 जाने-माने अपराधियों को भीड़ में मौजूद पाया और लगभग 27,000 मराठा प्रदर्शनकारियों के प्रवेश को रिकॉर्ड किया।
आरोपी और गिरफ्तारियाँ:
मुंबई में हुई जांच में कई राज्यों से आए अपराधियों का पता चला। कालाचौकी पुलिस ने कई गैंगों पर छापेमारी की और 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें छह मेहसाना (गुजरात) और दो हरियाणा से थे। सात FIRs चैन-छिनतई के लिए दर्ज की गईं और कुछ मामलों में मूल्यवान सामान बरामद किया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस गणेशोत्सव में लगभग 25 लाख भक्तों ने लालबागचा राजा का दर्शन किया। बावजूद इसके, कई राज्यों से आए अपराधी भीड़ में घुसने में सफल रहे।
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