लुधियाना पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ किया है। खन्ना साइबर क्राइम पुलिस ने छापेमारी कर 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया और विभिन्न मामलों से जुड़े ₹14.34 लाख बरामद किए। यह कार्रवाई फरवरी 2025 में सामने आए करोड़ों रुपये की ठगी मामलों की जांच के दौरान हुई। मच्छीवाड़ा निवासी संजेव पांधी को फरवरी 2025 में एक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी के जरिए ₹3.72 करोड़ का चूना लगाया गया था। उन्हें टेलीग्राम के जरिये लुभाया गया और निवेश के नाम पर ठगी की गई।
पुलिस ने इस केस में नीरज सिंघानिया (दुबई), उनकी पत्नी सरिता सिंघानिया उर्फ रितु, गुरजोत सिंह (सलाना, फतेहगढ़ साहिब), बलदेव कृष्ण (ज़िरकपुर), परविंदर सिंह उर्फ टोनी (चंडीगढ़), समक्ष भट्ट और अमृतपाल कौर (मोहाली), प्रिंस, अनमोल चौहान और राहुल सगवान (लुधियाना), तथा मोगा निवासी प्रबजोत सिंह, गुरविंदर सिंह, अमोल सिंह, सिमरन सिंह और बंत कौर को गिरफ्तार किया। इनके पास से ₹9.35 लाख बरामद हुए।
एक अन्य मामले में मच्छीवाड़ा के ही महेंद्र प्रताप सिंह गिल से ₹2.65 करोड़ की ठगी की गई। ठगों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसी का अधिकारी बताकर बैंक अकाउंट की जांच के नाम पर धमकाया और रकम हड़प ली।
पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े कर्णमजीत सिंह और गुरवीर सिंह (मोहाली), कुलजीत सिंह, संजीव मित्तल, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी, अमृतपाल सिंह उर्फ डॉक्टर और मोहन सिंह (जालंधर) को भी पकड़ा। इनमें से कुलजीत सिंह और मोहन सिंह को इस नेटवर्क का अहम खिलाड़ी माना जा रहा है। इनके पास से ₹5 लाख बरामद हुए।
एसएसपी ज्योति यादव ने कहा कि जांच के दौरान 100 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जो अलग-अलग ठगी मामलों से जुड़े हैं। उन्होंने कहा, “पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि पीड़ितों को उनका पैसा वापस मिले। मेहनत की कमाई ठगने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध कॉल, ऑनलाइन लिंक और फर्जी ट्रेडिंग ऑफर से सावधान रहें। ऐसे मामलों की तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें। लुधियाना पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, बल्कि आगामी जांच में और भी करोड़ों की ठगी के मामले सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
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