पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल मालदा जिले से सामने आए एक वायरल वीडियो ने रेलवे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। वीडियो में नाबालिग बच्चों को रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखवाए जा रहें है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने वाले हैं इससे पहले इस वीडिओ ने RPF के लिए चिंताएं बढ़ाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने स्थानीय पुलिस को संभावित पत्थरबाजी और विरोध प्रदर्शन को लेकर सतर्क किया है।
यह स्लीपर ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलाई जानी है और प्रधानमंत्री इसे मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से रवाना करेंगे। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसे संभावित तोड़फोड़ या साजिश के तौर पर देखा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में 15 जनवरी को बेलडांगा इलाके में कुछ बच्चों को थैलों में पत्थर लेकर रेलवे ट्रैक के पास रखते हुए देखा गया है। वीडियो में यह भी दिखता है कि जैसे ही एक रेलवे मेंटेनेंस वाहन मौके पर पहुंचता है, बच्चे वहां से भाग जाते हैं। आरोप है कि इन बच्चों का इस्तेमाल वयस्कों द्वारा जानबूझकर किया गया।
This is yesterday’s video from Beldanga.
Kids are seen carrying stones & deliberately placing them on the railway tracks.
Earlier, a pillar was also placed across the tracks.
This clearly shows a systematic attempt to sabotage the railway line, training has already begun. pic.twitter.com/8JSoRqlNwZ— Krishanu Singha (@KrishanuOnline) January 17, 2026
वीडियो के वायरल होने के बाद, RPF ने मालदा के कालियाचक पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी। पत्र में RPF ने कहा, “हमें गुप्त सूचना मिली है कि मालदा में कुछ असामाजिक तत्व 17 जनवरी को प्रधानमंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने वाले पहले वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस पर पत्थर फेंकने की कोशिश कर सकते हैं।” RPF ने यह भी आशंका जताई कि प्रधानमंत्री के विरोध में काले झंडे दिखाए जा सकते हैं और इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने की जरूरत है।
RPF के पत्र में खुफिया सूचनाओं का हवाला देते हुए बताया गया है कि ट्रेन के मालदा से रवाना होने के बाद जामिरघाटा, खलतीपुर, चामग्राम, शंखपाड़ा, न्यू फरक्का, बल्लालपुर, धूलियन, बसुदेवपुर और टिलडांगा जैसे स्टेशनों पर पत्थरबाजी की आशंका है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सुबोध कुमार साउ नामक व्यक्ति ने ई-मेल के माध्यम से RPF को जानकारी दी थी कि कुछ शरारती तत्व ट्रेन की यात्रा को बाधित करने की साजिश रच रहे हैं। RPF की चेतावनी के बाद कालियाचक पुलिस को संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात करने, निगरानी बढ़ाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि निवारक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि उद्घाटन यात्रा के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।
यह अलर्ट ऐसे समय जारी किया गया है, जब 2023 से अब तक वंदे भारत ट्रेनों पर कई बार पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेष रूप से हावड़ा–न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस पर हुए हमलों के बाद रेलवे ने सख्त कार्रवाई की थी।
RPF अधिकारियों के अनुसार, देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और उसके मार्ग की संवेदनशीलता को देखते हुए इस बार पूर्व-सतर्कता बरती जा रही है, ताकि उद्घाटन कार्यक्रम और ट्रेन संचालन पूरी तरह सुरक्षित रह सके।
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