मुंबई के घाटकोपर इलाके में दो नाबालिग लड़कियों के साथ कथित यौन शोषण के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक तूल पकड़ लिया है। मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े और भाजपा नेता किरीट सोमैया ने घाटकोपर पुलिस स्टेशन के बाहर धरना देते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विवाद का मुख्य कारण पुलिस द्वारा आरोपी फिरोज इकबाल के साथ-साथ पीड़िता के परिवारों को भी गिरफ्तार करना है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता किरीट सोमैया ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि आरोपी फिरोज इकबाल ने चार लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की थी, जिनमें से दो की उम्र मात्र पांच और छह साल है। सोमैया ने आरोप लगाया कि पुलिस शुरुआत में आरोपी को गिरफ्तार करने के पक्ष में नहीं थी। उन्होंने कहा, “पीड़ित परिवारों के दबाव के बाद पुलिस ने इकबाल को गिरफ्तार तो किया, लेकिन इसके बाद एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में पुलिस ने पीड़ित परिवारों को ही गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया। हम यहाँ तब तक बैठेंगे जब तक इन परिवारों को न्याय नहीं मिल जाता और आरोपी की मदद करने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित नहीं किया जाता।”
मेयर ऋतु तावड़े ने भी इस विरोध प्रदर्शन का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने पुलिस के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि गिरफ्तारी के दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला किया था। मेयर ने दावा किया कि उनके पास मौजूद वीडियो साक्ष्य पुलिस की कहानी के विपरीत हैं।
मेयर तावड़े ने कहा,”मैंने वीडियो देखा है, पुलिस पर कोई हमला नहीं हुआ था। परिवार के सदस्य केवल आरोपी पर हमला कर रहे थे। यह स्वाभाविक है कि ऐसी घिनौनी हरकत के बाद किसी भी परिवार का खून खौलेगा और उनकी प्रतिक्रिया क्रिया की प्रतिक्रिया मात्र थी। ऐसे समय में जब परिवार को सांत्वना की जरूरत है, पुलिस उन्हें ही जेल में डाल रही है। परिवार के सदस्य अभी भी अंदर हैं।”
#WATCH | Mumbai, Maharashtra | Mumbai Mayor Ritu Tawade says, "… In front of the house of two little girls, Firoz Iqbal Sheikh raped those two girls. The police arrived at the scene, and they arrested Firoz. While they were taking him away, it's natural that the family's blood… pic.twitter.com/g4F9cCtYWp
— ANI (@ANI) April 28, 2026
दूसरी ओर, पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जब पुलिस की टीम आरोपी शेख को गिरफ्तार करने के लिए नित्यानंद नगर पहुंची, तो 40-50 लोगों की भीड़ ने सरकारी काम में बाधा डाली। पुलिस का दावा है कि आरोपी तक पहुंचने की कोशिश में भीड़ ने अधिकारियों के साथ मारपीट की।
इस झड़प में एक पुलिस कॉन्स्टेबल के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि महाराष्ट्र सुरक्षा बल (MSF) के एक कर्मी का हाथ फ्रैक्चर हो गया है। पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट में मुख्य आरोपी फिरोज इकबाल शेख के खिलाफ नाबालिगों के यौन शोषण के लिए और सरकारी कर्मचारियों पर हमले और दंगों की धाराओं के तहत पीड़ित पक्ष के लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।
पुलिस ने अब तक इस मामले में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 30-40 अन्य अज्ञात लोगों की जांच की जा रही है। मेयर और भाजपा नेताओं के कड़े विरोध के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने और नेताओं के साथ बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल रिहा किया जाए और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर शिकंजा कसा जाए।
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