तीन राज्यों में सिलसिलेवार बम धमाकों की साजिश नाकाम; RDX और IED के साथ तीन संदिग्ध गिरफ्तार

हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के विभिन्न स्थानों की रेकी कर वीडियो व्हाट्सऐप के जरिए पाकिस्तान स्थित अपने हैंडलरों को भेजे

तीन राज्यों में सिलसिलेवार बम धमाकों की साजिश नाकाम; RDX और IED के साथ तीन संदिग्ध गिरफ्तार

Plot to carry out serial bomb blasts in three states foiled; three suspects arrested with RDX and IEDs

सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पाकिस्तान से जुड़े आतंकियों की उस साजिश को विफल कर दिया है। आतंकियों ने दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में सिलसिलेवार धमाके करने की योजना बनाई गई थी। इस मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से करीब 2 किलोग्राम RDX तथा एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किया गया है।

एजेंसियों के अनुसार आरोपियों बाइक पर सवार होकर एक टिफिन बॉम्ब में छिपाकर विस्फोटक सामग्री ले जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है ताकि उनसे विस्तृत पूछताछ की जा सके।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पाकिस्तान में बैठे आतंकी संचालक शहज़ाद भट्टी के निर्देश पर काम कर रहे थे। उनकी योजना दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में धमाके करने की थी।

जांच में सामने आया कि साजिश के तहत पहला विस्फोट राजस्थान के हनुमानगढ़ी क्षेत्र में किया जाना था। आरोपियों ने वहां एक IED भी लगाया था, लेकिन पाकिस्तान से RDX की आपूर्ति में देरी होने के कारण धमाका नहीं किया जा सका। चार दिन तक इंतजार करने के बाद उन्होंने वहां से IED हटा लिया।

इसके बाद आरोपियों ने लगभग एक सप्ताह तक हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के विभिन्न स्थानों की रेकी की। उन्होंने इन स्थानों के वीडियो बनाकर व्हाट्सऐप के जरिए पाकिस्तान स्थित अपने हैंडलरों को भेजे, ताकि विस्फोट के लिए अंतिम लक्ष्य तय किया जा सके।

गिरफ्तार आरोपियों में से एक अली अकबर उर्फ बाबू को भारत में इस नेटवर्क का प्रमुख ऑपरेटिव बताया जा रहा है। वह राजस्थान के अजमेर के लोंगिया इलाके का निवासी है। जांच एजेंसियों के मुताबिक उसने राजस्थान, दिल्ली और पंजाब के कई संवेदनशील स्थानों की रेकी की और उसके वीडियो पाकिस्तान भेजे।

आतंकी साजिश के तहत कई संभावित स्थानों पर हमले की योजना बनाई गई थी। इनमें मुलाना स्थित श्री माता बालासुंदरी देवी मंदिर, अंबाला में एक राजनेता का घर, पंजाब के कुछ पुलिस स्टेशन, दिल्ली का सफदरजंग अस्पताल और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन जैसे स्थान शामिल थे।

आखिरकार हैंडलर शहजाद भट्टी ने अंबाला के तीन स्थानों को संभावित लक्ष्य के रूप में चुना था, जिनमें से किसी एक जगह विस्फोट किया जाना था। आरोपियों ने बताया कि 13 मार्च 2026 की सुबह उन्हें अंबाला कैंट क्षेत्र में बम लगाने का निर्देश मिला था।

हालांकि सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ही उनकी गतिविधियों की खुफिया जानकारी मिल गई थी। जब आरोपी विस्फोटक लेकर तय स्थान की ओर जा रहे थे, उसी दौरान STF ने उन्हें रास्ते में पकड़ लिया। बाद में बम निरोधक दस्ते ने टिफिन बॉम्ब को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।

एजेंसियों ने यह भी बताया कि हनुमानगढ़ी में जिस RDX की आपूर्ति नहीं हो सकी थी, उसका पता अभी तक नहीं चल पाया है। इस कारण सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करने की अपील की है।

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