कर्नाटक और हैदराबाद में शिवाजी महाराज की जयंती कार्यक्रमों पर हमलें; तीन राज्यों में सांप्रदायिक तनाव

धार्मिक आयोजनों के दौरान बवाल, हालात काबू में

कर्नाटक और हैदराबाद में शिवाजी महाराज की जयंती कार्यक्रमों पर हमलें; तीन राज्यों में सांप्रदायिक तनाव

Shivaji Maharaj's birth anniversary celebrations attacked in Karnataka and Hyderabad; communal tension in three states

गुरुवार (19 फरवरी) को अलग-अलग धार्मिक आयोजनों के दौरान तीन राज्यों में साम्प्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आईं। मध्य प्रदेश के जबलपुर में दुर्गा मंदिर परिसर में कथित तोड़फोड़ के बाद झड़पें हुईं, जबकि कर्नाटक के बागलकोट और हैदराबाद में शिवाजी जयंती जुलूस के दौरान पथराव और विवाद की घटनाएं सामने आईं। हालांकि, तीनों स्थानों पर कोई जनहानि नहीं हुई और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हालात पर काबू पा लिया गया।

जबलपुर के संवेदनशील सिहोरा तहसील में गुरुवार (19 फरवरी) रात उस समय तनाव फैल गया जब एक दुर्गा मंदिर परिसर में कथित रूप से तोड़फोड़ की घटना सामने आई। स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम की आरती और पास की मस्जिद में नमाज एक ही समय पर चल रही थी। इसी दौरान एक युवक द्वारा मंदिर की ग्रिल क्षतिग्रस्त किए जाने की बात कही गई, जिसके बाद विवाद बढ़कर झड़प और पथराव में बदल गया।

स्थिति बिगड़ने पर आसपास के थानों से पुलिस बल बुलाया गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज भी किया गया। जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्पत उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि किसी धार्मिक ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा और न ही किसी के घायल होने की सूचना है। पुलिस ने करीब 20 लोगों को हिरासत में लिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आजाद चौक क्षेत्र पहले से संवेदनशील रहा है और मंदिर- मस्जिद के कार्यक्रमों के समय को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति बनती रही है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और हालात नियंत्रण में बताए गए हैं।


बागलकोट: छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती जुलूस पर पथराव, धारा 163  लागू

कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती की शोभायात्रा शांतिपूर्वक तरीके से शुरू थी, लेकिन जब यह पंका मस्जिद के सामने से गुजर रहा था, तब इस शोभायात्रा पर पथराव किया गया। मस्जिद की ओर से शोभायात्रा में शामिल हिंदुओ पर पत्थर फेंके गए, जिससे तनाव फैल गया।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल को भी एक पत्थर लगा, जिससे उन्हें सिर में हल्की चोट आई। उन्होंने मीडिया से कहा, जैसे ही जुलूस मस्जिद के पास पहुंचा, दूर से हमारी तरफ दो पत्थर फेंके गए।

पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और शहर में चार दिनों के लिए बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गई है। पथराव के मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और दोषियों की पहचान कर ली गई है।


हैदराबाद: रामज़ान नमाज के दौरान विवाद

हैदराबाद के अंबरपेट इलाके में भी शिवाजी जयंती जुलूस के दौरान मामूली साम्प्रदायिक तनाव की घटना सामने आई। जुलूस जब एक मस्जिद के पास से गुजर रहा था, उसी समय रमज़ान की नमाज चल रही थी। मुस्लिम पक्ष ने तेज संगीत और नारेबाजी पर आपत्ति जताई, जिसके बाद बहस और हल्की झड़प हुई।

अंबरपेट क्षेत्र को संवेदनशील माना जाता है। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर भीड़ को हटाया। किसी के घायल होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

तीनों राज्यों में घटनाएं भले ही अलग-अलग रहीं, लेकिन समानता यह रही कि चरमपंथी मजहबीयों झड़पों को हवा दी गई, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हालात बिगड़ने से बच गए। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। धार्मिक स्थलों के पास जुलूस और नमाज/आरती के समय को लेकर पहले भी देश के कई हिस्सों में तनाव की घटनाएं सामने आती रही हैं। फिलहाल तीनों जगह स्थिति नियंत्रण में है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

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